बिजली चोरी रोकने के लिए जीएसएस पर लगाए ड्रॉपिंग रिएक्टर डिवाइसएक महीने में ही एक फीडर पर 2.85 लाख यूनिट बिजली बची नागौर में पायलट प्रोजेक्ट सफल
अजमेर. सिंगल फेज single phase लाइन पर हुक लगाकर उससे थ्री फेज three phase बिजली बनाने वालों के जुगाड़ का तोड़ निकाल लिया गया है। अजमेर विद्युत वितरण निगम ने एेसे बिजली चोरों से निपटने के लिए तकनीक अपनाते हुए इसका स्थाई समाधान खोज निकाला है। अब जैसे ही बिजली electricity चोरों द्वारा सिंगल फेज को थ्री फेज में परिवर्तित किया जाएगा वैसे ही जीएसएस पर से ही वोल्टेज डाउन हो जाएगा। जबकि सिंगल फेज उपभोक्ता को घरेलू बिजली यथावत मिलती रहेगी। ajmer discom निगम ने सिंगल फेज से थ्री फेज बिजली चोरी रोकने के लिए नागौर जिले के 33 केवी भेड़ जीएसएस के टांकला फीडर पर डीपी बनाते हुए ड्रॉपिंग रिएक्टर नामक विद्युत डिवाइस/उपकरण लगाते हुए पायलट प्रोजेक्ट पूरा किया है। ड्रापिंग रिएक्टर वोल्टेज डाउन कर देता है्र इससे थ्री फेज की मोटरें नहीं चल पाती हैं। यहां पर सिंगल फेज सप्लाई के दौरान पहले 140 एम्पीयर लोड आ रहा था वहीं जब ड्रॉपिंग रिएक्टर लगाया गया तो लोड केवल 23 एम्पीयर ही रह गया। जीएसएस पर ही ट्रांसफार्मर के ऊपर विशेष रूप से डिजाइन ड्रॉपिंग रिएक्टर लगाया गया।
केवल 1.25 लाख का खर्च, प्रतिमाह 13.53 लाख की बचत
सिंगल फेज को थ्री फेज में परिवर्तित कर बिजली चोरी रोकने के लिए लगाए गए ड्रॉपिंग रिएक्टर डिवाइस पर केवल 1.25 लाख रुपए खर्च हुए हैं। इससे प्रतिदिन 9500 यूनिट बिजली की चोरी रोकी जा रही है। इससे एक माह में 13 लाख 53 हजार रुपए की 2 लाख 85 हजार यूनिट की बिजली की बचत हो रही है।
हुक लगा कर करते हैं अर्थ
नागौर सहित अन्य जिलों में 6 घंटे थ्री फेज सप्लाई दी जाती है जबकि सिंगल फेज सप्लाई 18 घंटे तक होती है। बिजली चोर 6 घंटे थ्री फेज सप्लाई लेने के बाद 11 केवी सिंगल फेज की लाइन में हुक लगा कर तथा कैपीसिटर लगा कर अर्थ कर देते हैं। इससे सिंगल फेज बिजली थ्री फेज बिजली में परिवर्तित हो जाती है। इससे बड़े पैमाने पर बिजली चोरी होती है। कई जगहों पर बिजली कर्मचारी भी इस पूरे खेल में लिप्त हैं। नागौर जिले के 1400 फीडर में से 452 फीडर एेसे हैं जहां सिंगल पेज बिजली को थ्री फेज बिजली में परिवर्तित कर 16-18 घंटे तक प्रतिदिन बिजली चोरी की जाती। इसमें सर्वाधिक 452 फीडर नागौर के ही हैं जिनमें से 197 पर सिंगल फेज को थ्री फेज में परिवर्तित कर बिजली चोरी हो रही है। सीकर, झुंझुनू व चित्तौडग़ढ़ में इसी तरह बिजली चोरी होती है।
इनका कहना है
छीजत रोकने के लिए उपाय किए जा रहे है। इसे तकनीकी रूप से कैसे कम किया जाए इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट किया गया था यह पूरी तरह सफल है। घरेलू उपभोक्ता को 24 घंटे व थ्री फेज को बिना बाधा 6 घंटे बिजली मिलेगी। छीजत घटाने के लिए फीडर सेपरेशन,पावर ट्रांसफार्मर बैलेंसिंग,कैपीसिटर लगाने का काम भी हो रहा है।
एन.एस.निर्वाण,मुख्य अभियंता(अजमेर जोन),अजमेर डिस्कॉम
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