www.patrika.com/rajasthan-news
अजमेर.
जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि राज्य में आतंकवाद का खात्मा पहला लक्ष्य है। पुलवामा आतंकी हमले के जरिए पाकिस्तान ने वहां अशांति फैलानी चाही, लेकिन उसको उचित जवाब दिया जाएगा। यह बात उन्होंने रविवार को अजमेर में गरीब नवाज की दरगाह जियारत और एक बैंक के उद्घाटन बाद कही।
मलिक ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पिछले चार महीने में पत्थरबाजी में कमी आई है। युवाओं का आंतकी कैंप में जाना अथवा उनके विचारों से प्रभावित होना अब घटने लगा है। पाकिस्तान ने पुलवामा हमले के जरिए घाटी में फिर अशांति फैलानी चाही है। इसके बाद ही माहौल बिगड़ा है।
सियासी दलों और आंतकियों में फर्क
मलिक ने कहा कि मैंने पिछले चार महीने में कश्मीर में विभिन्न राजनैतिक दलों के मुखियाओं-नेताओं से बातचीत की है। मैंने उनसे कहा कि आपमें और आतंकियों में बड़ा फर्क है। हमें जम्मू-कश्मीर में शांति और सौहार्द कायम करना है। सभी राजनैतिक दल इससे सहमत हैं।
निभा रहा हूं अपनी जिम्मेदार
मलिक ने कहा कि जो काम केंद्र सरकार ने मुझे सौंपा है, उसे मैं ईमानदारी से निभाने की कोशिश कर रहा हूं। जम्मू-कश्मीर का विकास और शांति बहाली मेरा पहला लक्ष्य है। उम्मीद है कि प्रदेश में जल्द चुनाव कराए जाएंगे। हुर्रियत और अन्य अलगाववादी नेताओं से भी इस बारे में बातचीत हुई है।
देंगे पाकिस्तान को मुहंतोड़ जवाब
राज्यपाल ने एरियल स्ट्राइक के बाद बिगड़े भारत-पाक संबंधों पर सीधे बोलने के बजाय कहा कि दोनों मुल्कों में बातचीत जरूरी है। इसके जरिए ही कोई मसला हल हो सकता है। पाकिस्तान ने अपनी हरकतें नहीं छोड़ी तो उसका उचित जवाब दिया जाएगा।
अच्छे हैं प्रदेश के लोग
राज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग काफी अच्छे हैं। वे भी 30 साल से आंतकवाद से त्रस्त और परेशान हैं। धीरे-धीरे घाटी में बदलाव दिख रहा है। आने वाले समय में यहां माहौल और बेहतर होने की उम्मीद है।