Patrika Bird Fair 2020 : पक्षियों को देख मन प्रसन्न और तनाव कम होता है, जिससे हम बीमारियों से बचते हैं।
अजमेर . अरावली की पहाडिय़ों से घिरी और बारादरी(baradari) से सजी शहर के बीचोबीच अवस्थित अजमेर की ऐतिहासिक आनासागर झील (anasagar lake )की सुन्दरता देखते ही बनती है। फिर जब सर्दियों (winter news) में भारत के हिमालयी क्षेत्र से परे देशों से हजारों प्रवासी विदेशी पक्षी (Migratory birds) लम्बी उड़ान भरकर जब आनासागर झील तक पहुंचते हैं तो इसकी सुन्दरता और निखर जाती है। अजमेर में प्रवासी पक्षी सामान्यत: अक्टूबर के आसपास आना शुरू कर देते हैं और फिर मार्च में लौट जाते है।
प्रवासी पक्षियों ((Migratory birds in anasagar lake) में मुख्य रूप से सफेद रंग के मोटी चोंच वाले बड़े आकार के पेलिकन, काले रंग के और सफेद मुंह के कूट, छोटे आकार की पनडुब्बी या डैबचिक, प्रवासी बत्तखें स्पॉट बिल्ड डक, कॉमन टील, पिनटेल, शेलडक, मेलार्ड, गैडवाल, शावलर आदि होते हैं। कबूतर के आकार के गल पक्षी तथा इनसे मिलते जुलते धूसर सफेद व काले रंग के रीवर टर्न पक्षी भी दिनभर उड़ते देखे जा सकते हैं। काले रंग के कार्मोरेंट और स्नेक बर्ड गोता लगाकर मछली का शिकार करते हैं। झील के किनारे पाए जाने वाले पक्षियों में मुख्य रूप से पर्पल हेरन, ग्रे हेरन, पॉन्ड हेरन, स्पून बिल, पेंटेड स्टॉर्क, सफेद वक्ष वाटर हेन, मूरहेन, काला सफेद ऊपर की ओर तिरछी चोंच वाला एवोसेट, रेड शैक, ग्रीन शैक, गॉडविट, लिटल सिंटट, बैगटेल आदि हैं।
पक्षियों का मानव जीवन में बड़ा महत्व है। ये कीट-पतंगे खाकर वनस्पति की रक्षा करते हैं। पक्षियों को देख मन प्रसन्न और तनाव कम होता है, जिससे हम बीमारियों से बचते हैं। पक्षी पर्यावरण का स्वच्छ रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हमारा कर्तव्य है कि हम स्थानीय और मेहमान दोनों प्रकार के पक्षियों का संरक्षण करें। यदि हम चाहते हैं कि हमारे शहर में मेहमान पक्षी आएं और रहें तो झील के आसपास शांति का वातावरण बनाकर रखना होगा। अजमेरवासी पक्षियों के बारे में जानें, उनके प्रति संवेदनशील बनें और उनके महत्व को समझें। इस दिशा में हर साल आयोजित किए जाने वाले बर्ड फेयर के रूप में राजस्थान पत्रिका समूह के सतत प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय हैं।
- डॉ. के.के. शर्मा, सेवानिवृत्त प्रोफेसर रसायन शास्त्र व बर्ड कंजर्वेशन सोसायटी उपाध्यक्ष