अजमेर

‘पत्रिका’ STING: भगवान भरोसे शिशु पालना गृह, VIDEO में देखें कैसे हो रही लापरवाही की हदें पार

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Mar 05, 2019
Patrika Sting Operation: shocking news as infants negligence in Ajmer

चंद्रप्रकाश जोशी/ अजमेर।

संभाग मुख्यालय पर शिशु पालना गृह भगवान भरोसे हैं। नालों, झाडिय़ों एवं खुले स्थानों में नवजात बच्चों को लावारिस छोडऩे वाली माताओं या संबंधित लोगों के लिए नवजात को सुरक्षित एवं अस्पतालों में छुड़वाने की मंशा से बनाए गए शिशु पालना गृह की व्यवस्थाएं कुछ समय तो चाक-चौबंद रही मगर अब इनमें शिथिलता बरती जा रही है। अगर कोई नवजात को इन शिशु पालना गृह में छोड़ भी जाए और इनमें से सुरक्षित बच जाए तो इसकी गारंटी नहीं है। हालात यह है कि कहीं अलार्म या घंटी नहीं और कहीं है तो खैरख्वाह नहीं।


'पत्रिका' ने सोमवार को स्टिंग ऑपरेशन कर व्यवस्थाओं को परखा मगर उनकी खामियों को देख कहा जा सकता है कि नवजात को पालने में छोडऩे के बावजूद वे सुरक्षित बच पाएंगे समझ से परे है। यहां जिन्हें शिशु पालना गृह की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं उनको खबर तक नहीं कि शिशु पालना गृह में अलार्म बजा कि नहीं। यह भी नहीं कि पालना गृह में कोई श्वान या बिल्ली तो नहीं घुस गया।

शहर के तीनों बड़े अस्पतालों में एक-एक कर पत्रिका प्रतिनिधियों ने पहुंच कर स्टिंग किया। इसके बावजूद अस्पताल के अंदर से कोई जिम्मेदार नहीं पहुंचा। यहां अलार्म, न कोई कार्मिक राजकीय जनाना अस्पताल में शिशु पालना गृह में प्रवेश कर देखा और अलार्म या घंटी बजाने का प्रयास किया तो वहां घंटी का स्विच नहीं मिला। टोकरी में बैग रख कर देखा तो भी न तो अस्पताल में जिम्मेदार नर्स या कार्मिक को सूचना मिली न कोई 15 मिनट तक पहुंचा।

घंटी बजाई, कोई नहीं आया
आदर्शनगर सैटेलाइट अस्पताल में पहुंच कर शिशु पालनागृह में प्रवेश किया। अंदर घंटी के स्विच को दबाया कोई नहीं आया। पंद्रह मिनट तक किसी को कोई सूचना नहीं। फिर अस्पताल के अंदर पालनागृह के कमरे के बंद गेट की फोटो ली तो एक चिकित्सक आए और पूछा किसकी फोटो ले रहे हैं। जब उनसे शिशु पालनागृह के घंटी बजाकर कोई नहीं पहुंचने का कारण पूछा तो बताया कि संबंधित अधिकारी ही बता पाएंगे।

अलार्म/घंटी का स्विच नहीं
जेएलएन अस्पताल के शिशु रोग विभाग के बाहर बनाई गई शिशु पालनागृह की केबिन के कुछ हिस्से टूटे हुए हैं, इनमें श्वान भी घुस सकते हैं। अंदर घंटी बजाने के लिए स्विच दबाया तो लाइट जली लेकिन यहां भी 20 मिनट तक कोई नहीं पहुंचा।

इनका कहना है
जेएलएनएच के शिशु पालना गृह में मशीन के इंस्टोलेशन के साथ लगाई गई घंटी खराब थी, वैकल्पिक घंटी लगाई है। अन्य जगह घंटी बजाने व गृह में कोई नहीं पहुंचा इसकी जानकारी करके पुख्ता व्यवस्था की जाएगी।
-डॉ.अनिल जैन, प्रिंसीपल जेएलएन मेडिकल कॉलेज

Published on:
05 Mar 2019 09:15 am