
अजमेर. परीक्षा के दिनों में अभिभावक बच्चों पर अनावश्यक दबाव नहीं बढाएं। बच्चों को स्वाभाविक जिन्दगी जीने दें परीक्षा तैयारी करने के दौरान बच्चों को ज्यादा टोकाटाकी नहीं करें। बच्चों को पढ़ाई के दौरान ही उनकी टेबल पर खाना, दूध या अन्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराएं। उन्हें रोजमर्रा की तरह ही जिन्दगी जीने दें। अन्यथा बच्चों पर फिजूल का तनाव बढ़ेगा। यह कहना है राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक शक्तिसिंह गौड़ का। गौड़ बताते हैं कि
सीबीएसई और राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं। इस दौरान छात्र-छात्राओं में तनाव होना आम बात है। उनके तनाव को कम करने के लिए बच्चों के साथ बैठकर बातचीत करें, उनके प्रश्न पत्र के बारे में चर्चा करें। बच्चों को भी परीक्षा में पढऩे के बजाय साल के प्रारंभ में ही पढ़ाई शुरू करनी चाहिए ताकि बच्चों को परीक्षा के समय अतिरिक्त समय एवं पढ़ाई की जरूरत नहीं पड़े। बच्चे परीक्षा देते समय यह ध्यान रखें कि जो प्रश्न अधिक अंकों के हैं,जिनका उत्तर से अच्छा लिख सकते हैं, उन्हें पहले करें। कॉपी में लेख अच्छा हो, समय पर प्रश्न पत्र हल करें।