
अजमेर. सातवें वेतनमान सहित अन्य मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारियों का गतिरोध को पांचवे दिन भी जारी रहा। वहीं रोडवेज बसें के संचालन नहीं होने से बस स्टैंड व कलक्ट्रेट के आसपास सन्नाटा पसरा हुआ है। शुक्रवार को रोडवेज कर्मचारियों ने केन्द्रीय बस स्टैंड व आसपास से लोक परिवहन सेवा की बसों का भी संचालन नहीं होने दिया। कर्मचारियों ने दिनभर रोडवेज बस स्टैंड पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
बसों का संचालन नहीं होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रा के लिए ट्रेन ही एकमात्र विकल्प नजर आ रही है। राजस्थान परिवहन निगम के श्रमिक संगठनों का संयुक्त मोर्चा (एटक,सीटू, इंटक एसोसिएशन, बीजेएमएम,कल्याण समिति) के आह्वान पर कर्मचारी हड़ताल पर चल रहे हैं। इससे रोडवेज बसें बस स्टैंड व कार्यशाला में ही खड़ी है।
हो रही है मनमानी वसूली
रोडवेज बसें बंद होने का फायदा निजी बस व टैक्सी ऑपरेटर जम कर उठा रहे हैं। यात्रियों से जयपुर तक का ही चार गुना किराया वसूला जा रहा है। अजमेर पुष्कर व किशनगढ़ व नसीराबाद के बीच सिटी बस के रुप में चलने वाली अजमेर आगार की बसें भी बंद होने से शहर में यात्रा करने वाले दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों कामकाजी महिलाओं सहित अन्य लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
हड़ताल बढ़ाएगी घाटा
राजस्थान पथ परिवहन निगम पहले की करोड़ों रुपए के घाटे में चल रही है। पिछले पांच दिन से कर्मचारियों की अनिश्चित कालीन हड़ताल के कारण घाटे में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। हड़ताल के कारण अजमेर तथा अजयमेरू आगार को अब तक करीब डेढ़ करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है। अन्य जिलों की तीस बसें व उनका क्रू भी हड़ताल के कारण बस स्टैंड पर ही फंसा हुआ है।