
अजमेर . शहर में अपराध नियंत्रित करने वाले पुलिसकर्मियों का अलग अंदाज देखने को मिला। संगीत की स्वर लहरियों पर पुलिस के अफसरों, कार्मिकों और कला अंकुर के गायक कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति दी। खनकती आवाज में शानदार गीत और मधुर संगीत पर नृत्यों ने पुलिस लाइन में समां बांध दिया।
खाकी तुझे सलाम कार्यक्रम का आगाज शानदार तरीके से हुआ। अनिता शर्मा ने ऐ मेरे वतन के लोगो...गीत पेश कर देशभक्ति का जज्बा जगाया। सोनू माथुर और देवयानी ने मोरनी बागां में बोले..., हंसिका पारीक ने पिया बावरी...गीत सुनाया। डॉ. बी. एस. गहलोत ने है अपना दिल तो आवारा..., सुरेंद्र विजयवर्गीय ने रुक जाना नहीं तू कहीं हार....गीत सुनाया तो पुलिसकर्मी झूम उठे। एडिशनल एसपी डी. के. विश्नोई ने दीवानों से ये मत पूछो..., थारी आंख्यों को यो काजल...गीत पर भी तालियां बजी।
अजमेर रेंज की आई.जी. मालिनी अग्रवाल ने भी तेरे मेरे सपने अब एक...गीत सुनाया। विनीता चौहान ने ए दिल है मुश्किल..., आकांक्षा वैद्य, मोक्षी, शिवांगी ने पनघट है...गीत पर नृत्य किया। अनिल जैन ने जहां-जहां डाल-डाल पर सोने की चिडिय़ा...., डॉ. बृजेश माथुर ने यारी है ईमान मेरा....गीत पेश किया। डी.के. विश्नोई, कल्पना शर्मा, सोनाक्षी एवं अन्य ने नाटक...ड्यूटी फस्र्ट पेश कर पुलिस की कार्यप्रणाली बताई। ओम प्रकाश ने ओ साथी रे..., डीएसपी ट्रेफिक प्रीति चौधरी ने ना तुम हमें जानो..., कांस्टेबल संजय सैन ने दशा सब दिन...भजन गाया तो तालियां बजी। एस. एस. शेखावत ने दुनिया बनाने वाले.., एएसआई रामवतार पालीवाल ने तुम अगर साथ देने.., मदनगंज थाना प्रभारी जोगेंद्र सिंह राठौड़ ने चांद सी महबूबा... गीत गाया। वहीं पुलिस बैंड मास्टर योगेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस गीत की धुन बजाई।
महिला पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा ही जीवन...नाटिका पेश की। समारोह में रंगीन फोल्डर का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में जिला कलक्टर गौरव गोयल, एसपी राजेंद्र चौधरी, डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी व अन्य मौजूद रहे। कला अंकुर की अध्यक्ष माधवी स्टीफन ने अतिथियों का स्वागत किया। संरक्षक कमलेंद्र झा, वंदना भटनागर, अनिता बाल्दी, एस. एन. माथुर, आनंद गार्गिया, गोपाल खन्ना, डॉ. रूपा गोयल, राजीव शर्मा और अन्य मौजूद रहे।
निखरती है कार्यक्रमों में प्रतिभा
आई.जी. मालिनी अग्रवाल ने कहा कि पुलिसकर्मी की जिंदगी बेहद व्यस्त, सख्त होती है। ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम में उनकी प्रतिभा निखरती है। इससे पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ता है। पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों को भी अपनी प्रतिभा को आगे लाने में सक्रिय रहना चाहिए।