अजमेर

ajmer bypoll: आखिरी दिन नींद उड़ी नेताओं की, वोटर्स के घर जाकर जोड़ रहे हाथ

प्रचार का दौर खत्म होने के बाद पार्टी नेताओं ने रात्रि में इस रणनीति को अंजाम देना शुरू कर दिया।
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Updated: 28 Jan 2018, 3:16 PM IST
door to door campaign
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अजमेर लोकसभा उपचुनाव का प्रचार थमने के बाद भाजपा-कांग्रेस जोड़-तोड़ की राजनीति में जुट गए। रोड शो के बाद बदले माहौल ने दोनों ही पार्टियों के नेताओं की नींद उड़ा दी। प्रचार का दौर खत्म होने के बाद पार्टी नेताओं ने रात्रि में इस रणनीति को अंजाम देना शुरू कर दिया। नए सांसद के लिए सोमवार को मतदान होगा। इससे एक दिन पहले यानि रविवार को नेताओं की नींद उड़ी हुई है।

अजमेर के उत्तर विधानसभा एवं दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में रोड शो एवं शहरी मतदाताओं में सेंधमारी की स्थिति पर भाजपा-कांग्रेस अंतिम प्रयास में जुट गए। जातिगत मतदाताओं के आंकड़े बनाने बिगाडऩे के लिए दोनों पार्टियां साम-दाम दण्ड-भेद अपना रही है। रविवार को दोनों पार्टी के स्थानीय नेताओं के माध्यम से मतदाताओं में पकड़ रखने वाले प्रभावशाली व्यक्तियों से भी सम्पर्क साधा जा रहा है।

नेताओं का कच्ची बस्तियों की ओर रुख

भाजपा-कांग्रेस की ओर से अंतिम दिन घर-घर सम्पर्क एवं मतदान का आग्रह करने का प्रयास तेज किया गया। नेताओं एवं छोटे नेताओं की ओर से शनिवार रात्रि से ही कच्ची बस्तियों की ओर रुख बढ़ गया। इन मतदाताओं के बहाने पार्टी प्रत्याशी को मजबूती देने के प्रयास अंतिम दौर तक जारी रहे।

प्रभारीजी के निर्देश मिल रहे मोबाइल पर

विधानसभावार बनाए गए प्रभारी भले ही कार्यालय एवं क्षेत्र में मौजूद नहीं हों मगर मोबाइल से मॉनिटरिंग बराबर जारी रही। क्षेत्र में किन लोगों से सम्पर्क साधना है, किनसे मिलकर बड़े नेताओं से मिलाना है इस बारे में दिशा निर्देश दिए गए। भाजपा एवं कांग्रेस की ओर से लगाए गए विधानसभा वार प्रभारियों की ओर से रणनीति के तहत मतदान हो जाए इसको लेकर दूर होने के बावजूद सक्रियता रही।

दोनों पार्टियां आसान नहीं मान रही मुकाबला

भाजपा की सरकार होने के बावजूद प्रत्याशी रामस्वरूप लाम्बा की जीत को आसान नहीं मान रही है भाजपा। कांग्रेस भी राज्य सरकार के खिलाफ माहौल होने के बावजूद कांग्रेस प्रत्याशी रघु शर्मा की जीत के लिए कोई कसर नहीं छोडऩा चाहती है। मतदान होने तक दोनों पार्टियों की ओर से पूरी ताकत लगाई जा रही है।

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