अजमेर की खतरनाक पुष्कर घाटी में रविवार को खुशियां मातम में बदल गईं, जब मायरा भरने जा रहे गुर्जर समाज के लोगों से भरी एक निजी बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 22 से अधिक घायल हैं।
राजस्थान के अजमेर जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। पुष्कर की घुमावदार और खतरनाक घाटी में रविवार को एक निजी बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के वक्त बस में एक ही समाज-परिवार के कई लोग सवार थे, जो पीसांगन क्षेत्र के एक गांव में 'मायरा' (भात) लेकर जा रहे थे। इस भीषण दुर्घटना में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 22 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे के बाद अस्पताल में मचे कोहराम और परिजनों के रुदन ने हर किसी की आंखें नम कर दीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस पुष्कर घाटी के चढ़ाव और मोड़ पर अचानक संतुलन खो बैठी और पलट गई। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों ने बचाव कार्य शुरू किया। बस के भीतर फंसे यात्रियों की चीख-पुकार से पूरी घाटी गूंज उठी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुँची और एम्बुलेंस की मदद से घायलों को तत्काल अजमेर के जवाहरलाल नेहरू (JLN) अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर लोक बंधु और पुलिस अधीक्षक (SP) हर्षवर्धन पहले घटनास्थल और फिर सीधे अस्पताल की आपातकालीन इकाई (Emergency Unit) पहुँचे।
यह हादसा तब और भी दुखद हो जाता है जब पता चला कि बस में सवार सभी लोग मांगलिक कार्यक्रम (मायरा) के लिए निकले थे। पीसांगन के पास एक गांव में बहन के घर भात भरने जा रहे भाइयों और परिवार की खुशियां एक झटके में उजड़ गईं। मृतकों में गुर्जर समाज के लोग शामिल हैं, जिनकी पहचान की प्रक्रिया जारी है।
अजमेर की पुष्कर घाटी अपने तीखे मोड़ों के कारण अक्सर हादसों का केंद्र बनी रहती है। भारी वाहनों और निजी बसों के लिए यह रास्ता हमेशा चुनौतीपूर्ण रहता है। स्थानीय लोगों ने एक बार फिर घाटी में सुरक्षा इंतजामों और गति सीमा को लेकर सवाल उठाए हैं।