
अजमेर.अजमेर विद्युत वितरण निगम में निचले स्तर पर कार्मिकों को पदोन्नति देने के बाद मंगलवार को टॉप लेवल अफ सरों को भी प्रमोशन का तोहफ ा दिया है। डिस्कॉम द्वारा जयपुर में हुई डीपीसी के बाद चीफ इंजीनियर, एडिशनल चीफ इंजीनियर और अधीक्षण अभियंता स्तर पर पदोन्नति दी गई है। इसी तरह अजमेर में कुछ अन्य संवर्गों में 258 कार्मिकों को पदोन्नति आदेश जारी किए गए।
अजमेर डिस्कॉम के प्रबन्ध निदेशक वी.एस.भाटी ने बताया कि मंगलवार को जयपुर में डिस्कॉम चेयरमैन अजिताभ शर्मा की अध्यक्षता में हुई डीपीसी की बैठक में सीनियर लेवल के अधिकारियों को पदोन्नति दी गई। डिस्कॉम प्रशासन ने एन.एस.निर्वाण, के.एस.सिसोदिया तथा ए.के.जगेटिया को चीफ इंजीनियर पद पर पदोन्नत किया। जगेटिया को कार्य व्यवस्था के तहत चीफ इंजीनियर बनाया गया है। वे निर्वाण के सेवानिवृत्त होने के बाद काम संभालेंगे।
4 एडिशनल चीफ, 10 एसई बनाए
उन्होंने बताया कि एन.एल.साल्वी, जी.के.पारीक, एम.एल.मीना तथा आर.सी.शर्मा को अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता बनाया गया है। इसी तरह आर.एल. खटीक, गोपाल चतुर्वेदी, आर.एस.शेखावत, वी.के.अग्रवाल, राजीव वर्मा, एस.आर.वर्मा, पी.के.जैन, एन.के.भटनागर, वी.एस.शर्मा तथा के.आर.मीना को अधीक्षण अभियंता पद पर पदोन्नति दी गई है।
डीपीसी की बैठक में सदस्य सचिव के रूप में डिस्कॉम के सचिव (प्रशासन) एन.एल.राठी, निदेशक एम.बी.पालीवाल, एस.एम.माथुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रबन्ध निदेशक ने बताया कि इसके साथ ही अजमेर में भी डीपीसी आयोजित कर 258 कार्मिकों को पदोन्नति दी गई है। इनमें स्किल-ए श्रेणी के 69 तथा बी श्रेणी के 189 कार्मिक शामिल हैं। यह कार्मिक अजमेर शहर, अजमेर जिला, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, झुंझुनंू तथा नागौर में कार्यरत हैं।
मनरेगा में 2 लाख 6882 मजदूर बहा रहे पसीना
अजमेर. जिले में 325 ग्राम पंचायतों में से 284 में नरेगा के तहत काम चल रहा है। इन कार्यों पर जिले में 2 लाख 6 हजार 882 मजदूरों को लगाया गया है। भीषण गर्मी के कारण श्रमिकों को काफी परेशानी हो रही है। इस संबंध में सांसद भागीरथ चौधरी ने उपमुख्यमंत्री एवं पंचायतराज मंत्री सचिन पायलट एवं मुख्य सचिव डीबी गुप्ता को पत्र लिखकर मनरेगा के कार्य समय में परिवर्तन की मांग की है। सांसद का कहना है कि प्रदेश में तापमान 45 से 48 डिग्री के बीच पहुंच रहा है। इसके चलते कई स्थानों पर मजदूर एवं श्रमिक कार्यस्थल पर ही बीमार हो रहें हैं। उधर प्रशासन का कहना है कि मजदूर चाहे तो सुबह 5 बजे से 11 बजे के दौरान भी काम पूरा कर घर जा सकता है।