सीबीएसई की ईआरएमएस परीक्षा में की थी कारगुजारी, पुलिस को बीस दिन से थी तलाश
अजमेर. सीबीएसई की ओर से आयोजित ईआरएमएस भर्ती परीक्षा में डमी अभ्यर्थी बैठाने वाले फरार मुख्य अभ्यर्थी ने मंगलवार शाम को सिविल लाइन थाने में सरेंडर कर दिया। आरोपी की 20 दिन से तलाश थी। पुलिस उसको बुधवार को कोर्ट में पेश करेगी।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक(शहर) महमूद खान ने बताया कि ईआरएमएस भर्ती परीक्षा में डमी अभ्यर्थी बैठाने वाले सवाईमाधोपुर निवासी दिलखुश मीणा को मंगलवार शाम गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले आरोपी ने सिविल लाइन थाने में सरेंडर किया। उसके खिलाफ 17 दिसम्बर को ख्वाजा मॉडल स्कूल में सीबीएससी की ईआरएमएस परीक्षा में डमी अभ्यर्थी को बैठाने का मामला दर्ज था। पुलिस ने डर्मी अभ्यर्थी दौसा मेहन्दीपुर बालाजी निवासी कालूराम मीणा को पूर्व में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को प्रकरण में मुख्य अभ्यर्थी दिलखुश मीणा की तलाश थी।
फोटो बदल कर की कारगुजारी
खान ने बताया कि दिलखुश मीणा ने आधार कार्ड की फोटो इस्तेमाल कर फर्जी तरीके से अपनी जगह परीक्षा में डमी अभ्यर्थी कालूराम मीणा को बैठाया। सिविल लाइन्स स्थित ख्वाजा मॉडल स्कूल में पहली पारी की परीक्षा की जांच में कालूराम मीणा की कारगुजारी की पोल बायोमैट्रिक जांच में सामने आई। उसने पुलिस पड़ताल में सवाई माधोपुर निवासी दिलखुश मीणा के स्थान पर परीक्षा देना कबूल कर लिया। केन्द्राधीक्षक अलवरगेट धोलाभाटा निवासी राजीव अरोड़ा ने सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था।