निलम्बित आईपीएस कार पार्टी प्रकरण : होटल कर्मचारियों से की मारपीट, घटना में शामिल लोगों को अलवर का बताया
मनीष कुमार सिंह
अजमेर. जयपुर रोड स्थित होटल मकराना राज पर रविवार देर रात कर्मचारियों के साथ मारपीट के मामले में गेगल थाना पुलिस जानकर भी अनजान बनी रही। ड्यूटी ऑफिसर ना केवल होटल कर्मचारियों के साथ मारपीट में आईपीएस सुशील कुमार विश्नोई के साथ मौजूद था, बल्कि उसने होटल कर्मचारियों को पहले कमरे में घुसाया फिर उनके साथ मारपीट भी की। उसने शिकायत देने आए होटल संचालक को घटना में शामिल लोगों के अलवर का होना बताकर गुमराह भी किया।
पत्रिका पड़ताल में सामने आया कि गेगल थाने के सहायक उपनिरीक्षक रूपाराम ने पहले होटल संचालक महेन्द्र सिंह को गुमराह किया। उसने आईपीएस सुशील कुमार विश्नोई और उनकी मित्र मंडली को अलवर का बताया, जबकि सूचना पर थानाप्रभारी सुनील बेड़ा भी थाने पहुंच चुके थे। नामजद शिकायत दर्ज कराने के लिए होटल मालिक महेन्द्र सिंह एएसआई रूपाराम से वारदात में शामिल लोगों के नाम पूछते रहे, लेकिन सभी ने आईपीएस अफसर व उनकी मित्र मंडली के नाम पर चुप्पी साध ली। आखिर होटल संचालक ने अपने कर्मचारी के जरिए बेनामी एफआईआर दर्ज करवाई। वारदात के 24 घंटे बाद भी प्रकरण में आरोपियों को नामजद नहीं किया गया।
घटना सीसीटीवी में कैद
मारपीट के मामले को समझाइश से रफा-दफा करने की एएसआई रूपाराम व गेगल थाना पुलिस की कोशिशें नाकाम रहीं। वारदात में आईपीएस विश्नोई के आने और कमरे के भीतर मारपीट की घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। पत्रिका में प्रकरण उजागर होने के बाद गेगल थाना पुलिस ने दूसरे दिन 12 जून को आईपीएस के 5 मित्रों को शांतिभंग के आरोप में जरूर गिरफ्तार किया।
...जाते हुए को बुलाया
निलम्बित आईपीएस विश्नोई व उनकी मित्र मंडली शुरूआती मारपीट व झड़प के बाद अजमेर लौट रही थी, लेकिन एएसआई रूपाराम ने उन्हें वापस बुलाया। एएसआई के बुलावे पर आईपीएस विश्नोई मित्र मंडली के साथ लौटे। यहां लौटते ही होटल के बाहर खड़े कर्मचारियों पर टूट पड़े। फिर कमरे में बंद करके उनके साथ मारपीट की।