
अजमेर. सिनेवर्ल्ड के पीछे बंजारा बस्ती में जानलेवा हमले में घायल ई-मित्र कियोस्क संचालक मनोज टेकचन्दानी ने सोमवार सुबह जयपुर में एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। रविवार दोपहर उसे तबीयत बिगड़ने से जवाहरलाल नेहरू अस्पताल से जयपुर रैफर किया था। क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस प्रकरण में आरोपी वीरेन्द्र बहल को पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में है।
पुलिस के अनुसार ज्ञान विहार कॉलोनी निवासी ई-मित्र कियोस्क संचालक मनोज टेकचंदानी पुत्र नंदकुमार टेकचंदानी ने सोमवार सुबह उपचार के दौरान जयपुर के प्राइवेट अस्पताल में दम तोड़ दिया। परिजन शव जयपुर से एम्बुलेन्स से जेएलएन अस्पताल लेकर पहुंचे। इधर, क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस ने प्रकरण में आरोपी वीरेन्द्र बहल पर जानलेवा के मामले को हत्या में तब्दील कर दिया। पुलिस ने अजमेर पहुंचने पर शव का पोस्टमार्टम करवाएगी।
रविवार को किया था रैफर
मनोज को जेएलएन अस्पताल से रविवार दोपहर जयपुर रैफर किया था। जहां परिजन ने एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया था। यहां उपचार के दौरान मनोज ने दम तोड़ दिया। गौरतलब है कि वारदात में धारदार हथियार से मनोज के सीने, पेट व कंधे पर 7-8 गहरे घाव लगे थे। जेएलएन अस्पताल सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने उपचार किया लेकिन तबीयत में सुधार नहीं होने पर उसे जयपुर रैफर किया था।
बेरहमी से मारा, खुद भी जख्मी
पड़ताल में आया कि मनोज के शरीर पर चिकित्सकों ने करीब धारदार हथियार के आधा दर्जन गहरे वार गिने। उसके सीने, गला के अलावा बाजू पर तीन व पेट पर गहरा वार लगा। हमले में धारदार हथियार से वीरेन्द्र का हाथ भी जख्मी हो गया।
इकलौता बेटा था मनोज
पुलिस पड़ताल में आया कि मनोज बीएसएनएल से सेवानिवृत्त नंदकुमार टेकचंदानी का इकलौता पुत्र था जबकि उसके एक बेटा और एक बेटी है। घटना के बाद माता-पिता और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। मनोज के बूढ़े माता-पिता को जयपुर रैफर किए जाने से उम्मीद थी लेकिन सोमवार सुबह उनकी उम्मीद टूट गई।
यह है मामला
गत 21 दिसम्बर शाम 6 बजे वीरेन्द्र बहल ने दोस्त कियोस्क संचालक मनोज टेकचंदानी को 53 हजार रुपए देते हुए महेन्द्र शर्मा नामक व्यक्ति को ऑनलाइन ट्रांसफर के लिए दिए। डेढ़ घंटे के बाद भी रकम महेन्द्र शर्मा तक नहीं पहुंची तो वीरेन्द्र रात साढ़े 7 बजे वापस लौटा। मनोज ने रकम ट्रांसफर की प्रक्रिया में होना बताया लेकिन वीरेन्द्र बहल रकम लौटने की जिद्द पर अड़ गया। मनोज के इनकार पर उनमें कहासुनी और फिर हाथापाई हो गई। गुत्थम-गुत्था हो गए। फिर वीरेन्द्र ने धारदार हथियार छीनकर आवेश में मनोज पर ताबड़तोड़ वार किए। लहूलुहान हालात में बाहर निकलने पर पड़ौसियों को घटना का पता चला। पड़ोसियों ने वीरेन्द्र को दबोच पुलिस के सूचित कर दिया। क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस ने दोनों को प्राइवेट अस्पताल पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद मनोज को जेएलएन अस्पताल रैफर कर दिया।