RBSE 12th Result 2026 Date: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 12वीं के कला, वाणिज्य और विज्ञान संकाय के परिणाम की तैयारी में जुटा है।
RBSE 12th Result 2026 Date: अजमेर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड बारहवीं के कला, वाणिज्य और विज्ञान संकाय के परिणाम की तैयारी में जुटा है। कॉपियों का मूल्यांकन अंतिम चरण में है। तकनीकी विशेषज्ञों और अधिकारियों के परीक्षण व शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की मंजूरी के बाद परिणाम आगामी दिनों में जारी होंगे।
12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम 31 मार्च 2026 के आस-पास जारी किए जानी की संभावना है। मई के अंत तक आने वाले 12वीं की परीक्षा के नतीजे अगर इस बार मार्च में ही आते हैं तो राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के इतिहास में सबसे पहले 12वीं का रिजल्ट आएगा, जो कि एक रेकार्ड होगा। मालूम हो कि देशभर में 10वीं की परीक्षा का परिणाम सबसे पहले जारी करने का ( 24 मार्च 2026 को) राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड रेकाॅर्ड बना चुका है।
12वीं की परीक्षाएं 12 फरवरी से 11 मार्च के बीच आयोजित हुई थी। जिसमें विज्ञान, कला और वाणिज्य संकाय के करीब 9.10 लाख विद्यार्थियों ने भाग लिया था। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 24 मार्च को दोपहर 1 बजे दसवीं (सेकंडरी) कक्षा का परिणाम घोषित कर दिया। दसवीं का कुल परिणाम 94.23 प्रतिशत रहा। पिछले साल के 93.60 प्रतिशत के मुकाबले परिणाम में 0.73 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। जबकि प्रवेशिका का परिणाम 87.11 प्रतिशत (पिछले साल 83.67) रहा है।
शिक्षा मंत्री दिलावर ने बताया कि इस साल दसवीं में पंजीकृत 10 लाख 66 हजार 561 में से 10 लाख 49 हजार 068 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे। परीक्षा में 9 लाख 88 हजार 520 विद्यार्थी उत्तीर्ण रहे हैं। इनमें 5 लाख 16 हजार 381 छात्र और 4 लाख 72 हजार 139 छात्राएं हैं। दसवीं में कुल 27 हजार 678 विद्यार्थियों को सप्लीमेंट्री योग्य घोषित किया गया है।
पिछले साल छात्राओं का परिणाम 94.08 प्रतिशत रहा था। इस साल छात्राओं का परिणाम 94.90 प्रतिशत रहा है। बीते साल के मुकाबले छात्राओं के नतीजे में 0.82 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह छात्राें का परिणाम बीते साल 93.61 प्रतिशत रहा था। इस बार यह 0.02 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी के साथ 93.63 प्रतिशत रहा है।
शैक्षिक सत्र 2026-27 से राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं की परीक्षा दो बार होगी। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप दसवीं की परीक्षा दो बार कराई जाएगी। दसवीं की प्रथम परीक्षा अनिवार्य होगी।
इसमें सभी विद्यार्थियों को बैठना जरूरी होगा। दूसरी परीक्षा ऐच्छिक होगी। विद्यार्थियों को किन्हीं तीन विषयों में परफॉरमेंस सुधारने का अवसर मिलेगा। दसवीं में सप्लीमेंट्री परीक्षा देने का विकल्प समाप्त होगा। दसवीं कक्षा में दो बार परीक्षाएं कराने का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है।