अजमेर

Rajasthan Crime News: ममता की जगह प्रेमी को चुना, अपने से आधी उम्र के प्रेमी के लिए मां ने आठ साल के बेटे को दी मौत

Rajasthan Crime News: नसीराबाद सदर थाना क्षेत्र में मृत मिले 8 वर्षीय मासूम बालक की मौत का कारण उसे जन्म देने वाली मां ही निकली। बालक मां के प्रेम-प्रसंग में बाधक बन रहा था। मां ने अपनी उम्र से 18 साल छोटे प्रेमी के साथ मिलकर बालक की निर्मम हत्या कर दी।
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Updated: 2 Dec 2023, 11:20 AM IST
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Rajasthan Crime News: नसीराबाद सदर थाना क्षेत्र में मृत मिले 8 वर्षीय मासूम बालक की मौत का कारण उसे जन्म देने वाली मां ही निकली। बालक मां के प्रेम-प्रसंग में बाधक बन रहा था। मां ने अपनी उम्र से 18 साल छोटे प्रेमी के साथ मिलकर बालक की निर्मम हत्या कर दी। बालक की शिनाख्त के बाद शुक्रवार को पुलिस की साइबर सेल व जिला स्पेशल टीम ने 12 घंटे में प्रेमी युगल को बिजयनगर इन्दिरा कॉलोनी से पकड़ा। आरोपियों ने पुलिस के समक्ष अपना जुर्म कबूल लिया। वहीं पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर बालक का शव उसके पिता के सुपुर्द कर दिया।

पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट ने बताया कि 28 नवम्बर सुबह मोतीपुरा गांव राजमार्ग के पास जंगल में मृत मिले विशाल उदय (8) की हत्या उसकी मां भिनाय के राममालिया निवासी संगीता (38) पत्नी नाथू रेगर ने प्रेमी केकड़ी के ग्राम टांटोटी निवासी लालाराम बैरवा (20) के साथ मिलकर अंजाम दी। संगीता व लालाराम के बीच बीते कुछ साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। लालाराम उससे मिलने अक्सर राममालिया आता था। विशाल अपने पिता नाथू को मां से मिलने आने वाले लालाराम की तमाम जानकारी बयान कर देता था। इससे संगीता और नाथूलाल में पारिवारिक कलह चल रही थी। प्रेम प्रंसग में बाधक बन रहे 8 वर्षीय विशाल को रास्ते से हटाकर उन्होंने शादी करने का मन बनाया।

खिलाया-पिलाया, फिर हत्या
पुलिस पड़ताल में आया कि संगीता 28 नवम्बर सुबह बेटे विशाल को लेकर घर से निकली। फिर प्रेमी लालाराम बैरवा से मिली। उन्होंने दिनभर विशाल को साथ घूमाने-फिराने के साथ खिलाया-पिलाया। फिर मोतीपुरा के निकट एक फैक्ट्री के सामने रात 8 से 9 बजे के बीच विशाल के दोनों हाथ प्लास्टिक की रस्सी से बांधने के बाद शॉल से गला घोट दिया। फिर निर्ममतापूर्वक उसके चेहरे पर पत्थर डाल दिया, ताकि पहचान ना हो सके। इसके बाद दोनों बिजयनगर इन्दिरा कॉलोनी चले गए।

शिनाख्त से हुआ खुलासा
एसपी जाट ने बताया कि समाचार पत्रों में विशाल का फोटो प्रकाशित होने पर चचेरे भाई ने उसे पहचान लिया, हालांकि बालक के पिता नाथूलाल की तलाश में पुलिस को खासा मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने उसे अजमेर में तलाश करने के बाद शिनाख्त को पुख्ता किया। नाथू के सामने आने पर संगीता के त्रियाचरित्र और उसके लापता होने की कहानी बाहर आई। साइबर सेल, जिला स्पेशल टीम ने संगीता व लालाराम की लोकेशन ट्रेस करते हुए उन्हें बिजयनगर इन्दिरा कॉलोनी से पकड़ लिया।

मेडिकल बोर्ड से कराया पोस्टमार्टम
ग्राम मोतीपुरा सरहद पर जंगल में बुधवार को मिले बालक के शव का शुक्रवार को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराकर सदर थाना पुलिस ने परिजन के सुपुर्द किया। पुलिस से तहरीर मिलने के बाद चिकित्सालय प्रशासन ने विनायक गौड़ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड का गठन किया, जिसमें डॉ. कैलाश रावत व डॉ. भूपेंद्र सोनी को शामिल किया गया। पुलिस ने शव बालक के पिता नाथु के सुपुर्द किया।

मजदूरी के दौरान हुई पहचान
पुलिस पड़ताल में आया कि हत्या का आरोपी लालाराम भी पेशे से मजदूर है, जबकि संगीता को नाथू रेगर 12 साल पहले शादी कर यूपी से लेकर आया था। संगीता के दो संतान हैं। विशाल छोटा बेटा था, जबकि बड़ा बेटा मोदी अपने ननिहाल में रहता है। मजदूरी के दौरान लालाराम की संगीता से दोस्ती हो गई। इधर नाथू मजदूरी के लिए अजमेर में रहता था। इसका फायदा उठाकर लालाराम ने संगीता से मेलजोल बढ़ा लिया।

इनका रहा विशेष योगदान
प्रकरण के खुलासे में एएसपी (अजमेर ग्रामीण) वैभव शर्मा व सीओ नसीराबाद विजय सांखला के नेतृत्व में नसीराबाद सदर थानाप्रभारी रोशनलाल, नसीराबाद सिटी घनश्याम मीणा, श्रीनगर थानाधिकारी जसवंत सिंह के साथ साइबर सेल एएसआई रणवीरसिंह व डीएसटी के एएसआई शंकरसिंह रावत का योगदान रहा।

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