अजमेर

राजस्थान की मनीषा बनीं HPV वैक्सीन लगवाने वाली पहली किशोरी, PM मोदी ने कहा- अब और महिलाओं को करना है तुम्हें जागरूक

राजस्थान की मनीषा एचपीवी वैक्सीन लगवाने वाली पहली किशोरी बन गई हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि अब उन्हें अन्य महिलाओं और किशोरियों को भी इस वैक्सीन के प्रति जागरूक करना है।

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Mar 01, 2026
एचपीवी वैक्सीन की डोज लगाने के बाद छात्राओं से बातचीत करते पीएम मोदी (फोटो- पत्रिका)

अजमेर: देश में राष्ट्रीय टीकाकरण योजना के अंतर्गत एचपीवी वैक्सीन की पहली डोज अजमेर जिले के गांव चाचियावास निवासी एवं नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली किशोरी मनीषा रावत को लगाई गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किशोरी मनीषा के साथ आई उनकी मां सोनू से बात कर वैक्सीन की इजाजत ली, तो मां ने कहा कि यह बेटी का सौभाग्य है।

वैक्सीन लगाने के बाद प्रधानमंत्री ने मनीषा को आशीर्वाद दिया और कहा, अब और महिलाओं को भी तुम्हें जागरूक करना है। अजमेर में कायड़ विश्रामस्थली में शनिवार को सभा स्थल पर प्रधानमंत्री ने एचपीवी वैक्सीन का लोकार्पण किया।

सभा स्थल के पास बनाए वैक्सीनेशन सेंटर में चिकित्सा विभाग की टीम के माध्यम से पांच बालिकाओं का वैक्सीनेशन करवा कर शुरुआत की। बाद में बालिकाओं से संवाद भी किया। प्रधानमंत्री ने मनीषा को बधाई एवं आशीर्वाद देते हुए कहा कि आगे पढ़ाई जारी रखना। अन्य किशोरियों और महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर के बारे में व एचपीवी वैक्सीन के प्रति जागरूक करना।

चिड़िया सहित इन पांच किशोरियों के लगाई वैक्सीन

मनीषा रावत (रासीसे, स्कूल औनगर), भूमिका (महात्मा गांधी रा. स्कूल मगवाना), पूर्वी अग्रवाल (एनपीएस स्कूल अजमेर), चंचल (रासीसें स्कूल किश्चयनगंज अजमेर) एवं चिड़िया मेघवंशी (राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल श्रीनगर) के प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थित्ति में वैक्सीन लगाई गई।

किशोरियों से यह किए सवाल

प्रधानमंत्री ने किशोरी चंचल से पूछा कौन सी क्लास में पढ़ाई कर रही हैं, सर्वाइकल कैंसर के बारे में भी पूछा। अन्य किशोरियों से भी पढ़ाई, परिवार एवं सर्वाइकल कैंसर की गंभीरता के बारे में पूछा।

महिला अधिकारियों के पास थी जिम्मेदारी

एचपीवी वैक्सीनेशन किशोरियों और महिलाओं के लिए जरूरी है। इसकी तमाम व्यवस्था महिलाओं के पास रही। प्रशासनिक अधिकारी अनुपमा टेलर, मेघना चौधरी सहित सीएमएचओ डॉ. ज्योत्सना रंगा, आरसीएचओ डॉ. शिंदे स्वाति के पास वैक्सीनेशन की जिम्मेदारी थी। पहले चरण में 50 बालिकाओं का चयन कर इनमें से पांच को अंतिम रूप से चयनित किया गया।

Published on:
01 Mar 2026 12:34 pm