Bangladeshi Arrested: राजस्थान एसटीएफ ने अजमेर दरगाह इलाके से अवैध बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने बताया कि वह अवैध रूप बॉर्डर पारकर पश्चिम बंगाल के मालदा में घुसा, वहां करीब 6-7 साल रहा। इसके बाद वह दिल्ली और फिर अजमेर आ गया।
अजमेर। जिले में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जिला पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक और सफलता मिली है। बुधवार को टीम ने दरगाह क्षेत्र से एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जो जांच में बांग्लादेशी नागरिक निकला। इस कार्रवाई के साथ ही शहर में अब तक 56 बांग्लादेशी नागरिकों को दस्तयाब किया जा चुका है।
यह अभियान अजमेर रेंज के आईजी राजेंद्र सिंह और एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देश पर चलाया जा रहा है। अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की पहचान और निष्कासन के लिए पुलिस ने विशेष रणनीति अपनाई है। इसके तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़, दरगाह वृत्ताधिकारी लक्ष्मण राम और सीआईडी जोन की टीम सहित एक विशेष दस्ता गठित किया गया है।
पुलिस टीम ने मुखबिरों की सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर दरगाह बाजार, जालियान कब्रिस्तान, अंदरकोट, नई सड़क, तारागढ़ क्षेत्र, सिलावट मोहल्ला, बड़ा पीर रोड, लंगरखाना गली, त्रिपोलिया गेट और अन्य संभावित इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
इसी अभियान के दौरान बड़ा पीर रोड स्थित गौसिया इलाके में एक व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में घूमता मिला। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की, जिसमें उसकी पहचान मोहम्मद तहजुल पुत्र मोहम्मद मुमताज हुसैन निवासी गोसाईपुर, थाना गोबिंदाघास, जिला रंगपुर (बांग्लादेश) के रूप में हुई। जांच में सामने आया कि वह अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर यहां रह रहा था।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह बांग्लादेश से अवैध तरीके से सीमा पार कर पश्चिम बंगाल के मालदा पहुंचा, जहां 6-7 साल तक खानाबदोश की तरह जीवन बिताया। इसके बाद वह ट्रेन के जरिए नई दिल्ली आया और कुछ समय वहां रहने के बाद अजमेर पहुंच गया। यहां दरगाह इलाके में वह भीख मांगकर अपना गुजारा कर रहा था।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने की बात स्वीकार की है। फिलहाल उससे गहन पूछताछ जारी है और उसके नेटवर्क व अन्य संभावित संपर्कों की भी जांच की जा रही है।