स्पॉटलाइट--एलिवेटेड रोड के नीचे कई स्पॉट पर गहरे गड्ढे, लोग हलकान. . .ट्रैफिक पुलिस परेशान
मनीष कुमार सिंह
अजमेर. स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में आरएसआरडीसी ने 256 करोड़ की लागत से पांच साल में एलिवेटेड सड़क बनाई लेकिन पिछले तीन साल में भी कार्यकारी एजेंसी एलिवेटेड रोड के नीचे की सड़क को नहीं सुधार सकी है। फव्वारा सर्किल से बाटा तिराहा तक, पी.आर मार्ग व स्टेशन रोड की खस्ता हाल सड़क पर वाहन हिचकोले खाते गुजर रहे हैं। नतीजतन शहरी यातायात रेंग रहा है और लोग परेशान हो रहे हैं। ऊबड़-खाबड़ सड़कों के कारण स्टेशन रोड, पीआर मार्ग, आगरा गेट तिराहे व सोनीजी की नसियां मार्ग पर वाहनों का थोड़ा सा दबाव बढ़ते ही जाम के हालात बन जाते हैं। विडंबना यह है कि आए दिन गुड गवर्नेंस की नसीहत लेते-सुनते जिम्मेदार अफसरों में जनहित से जुड़े सीधे कामकाज को लेकर ना तो कई संजीदगी है और ना ही सरकारी विभागों में सामंजस्य। हालांकि इस मामले में संबंधित अफसरों ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाडकर दूसरे विभागों और समकक्ष अधिकारियों की जिम्मेदारी जरूर बता दी।
कई जगह से छलनी हुई सड़क
-केसरगंज बाटा तिराहे से स्टेशन रोड के बीच सड़क जगह-जगह छलनी हो चुकी है। कुछेक जगह पेचवर्क किया गया है। मोइनिया इस्लामिया स्कूल के सामने सड़क के बीच गहरे गड्ढ़े दुर्घटना का सबब बने हुए हैं।
-क्लॉक टावर थाने के सामने ऊबड़-खाबड़ सड़क के बीच पूर्व में लगी हाई मास्ट लाइट का फाउंडेशन जस का तस है । उस पर लाइट पोल के बड़े नट निकले हुए हैं। जगह-जगह से सड़क टूटी है। थाने के सामने बेतरतीब पार्किंग से हमेशा जाम के हालात रहते हैं।
-रेलवे स्टेशन रोड से गांधी भवन के बीच आधा दर्जन से ज्यादा गड्ढे हैं। यहां पूरे दिन यातायात पुलिस के जवानों को मशक्कत करनी पड़ती है।
-पीआर मार्ग पर भी जगह-जगह सड़क टूटी हुई है। नगर निगम के सामने, खाइलैण्ड मार्ग के सामने गड्ढों से भरी सड़क है। वाहन चालकों को खासी परेशानी होती है।-आगरा गेट से सोनीजी की नसियां के सामने दोनों किनारों की सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। की स्पॉट पर छह इंच गहरे गड्ढे हैं। दुपहिया वाहन चालक की मर्तबा असंतुलित होकर गिर जाते हैं। तिपहिया-चौपहिया वाहनों को नुकसान होता रहता है।
-सोनीजी के नसियां के सामने कुछ दिन पहले लाइन डालने के लिए खोदी गई सड़क लाइन डालने के बाद सुधारी ही नहीं गई है।
स्मार्ट सिटी की ऐसी शक्ल. . .
धार्मिक नगरी अजमेर में ख्वाजा साहब के 812वें उर्स का झंडा बुलंद दरवाजे पर चढ़ चुका है। लाखों की संख्या में देशी-विदेशी जायरीन आने को हैं। ऐसे में शहर की खस्ता हाल सड़कें स्मार्ट सिटी अजमेर की कैसी शक्ल दिखाएंगी, समझा जा सकता है।
दूसरों का बताते रहे काम. . .
इस मामले में पत्रिका प्रतिनिधि द्वारा विभिन्न विभागों के अफसरों से बात करने पर किसी भी अफसर ने स्वयं का काम नहीं होना बताकर पांच अलग-अलग विभागों के नाम गिना दिए। पीडब्लूडी ने अपने हिस्से की बदहाल सड़क का जिम्मा स्मार्टसिटी प्रोजेक्ट के माथे मढ़ते हुए कार्यकारी एजेंसी आरएसआरडीसी को जिम्मेदार बताया। उधर आरएसआरडीसी ने क्षतिग्रस्त सड़क की दीवाली पर मरम्मत कर दिया जाना बताकर बाद में टाटा पावर व जिओ फाइबर द्वारा खोद दिए जाने का तर्क दिया।
तकनीकी रूप से एलिवेटेड रोड के नीचे की सड़क सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकार क्षेत्र की है। लेकिन एलिवेटेड रोड का निर्माण स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में आरएसआरडीसी ने किया। जिससे मरम्मत का जिम्मा भी उसी का था। जिम्मेदार अफसरों का कहना था कि उन्होंने दीपावली पर सड़क की मरम्मत करने की बात कही थी। लेकिन इसके बाद टाटा पावर व जीओ फाइबर ने सोनीजी की नसिया से महावीर सर्किल तक सड़क को फिर से खोद दिया।
स्पीक-अप. . . .
एलिवेटेड रोड बनने के बाद प्रशासन ने इसके नीचे की सड़क की सुध ही नहीं ली। सड़क पर कई जगह गहरे गड्ढे हैं। सड़कें दुरूस्त रहेंगी तो जाम नहीं लगेगा।
सत्यनारायण, व्यापारी स्टेशन रोड
भैंसा कॉम्पलेक्स कॉर्नर पर विद्युत पोल सड़क के बीच है जिसे नहीं हटाया जा रहा। एलिवेटेड रोड के नीचे यू- टर्न है लेकिन सड़क नहीं है। गड्ढे इतने हैं कि वाहन चालक असंतुलित होकर दुर्घटनाग्रस्त होते हैं।
बंटी गुर्जर, खाइलैण्ड मार्केट
इनका कहना है...
शहर में आमतौर पर जाम के हालात सोनीजी की नसियां, आगरा गेट व स्टेशन रोड पर रहते हैं। मुख्य कारण खस्ता हाल सड़कें हैं। मार्ग की सड़क ठीक होगी तो वाहन निर्बाध गुजर जाएंगे लेकिन सड़क क्षतिग्रस्त होने के चलते वाहन सुगमता से गुजरने के बजाए धीमी रफ्तार से गुजरते हैं।
नरपतराम बाना, यातायात निरीक्षक
-एलिवेटेड सड़क के नीचे का मार्ग दुरूस्त हो तो जाम के हालात नहीं बनेंगे। यातायात निर्बाध गुजरता रहेगा लेकिन टूटी सड़क, गड्ढों के चलते चौपहिया, तीन पहिया और दुपहिया वाहन की रफ्तार कम रहती है। इससे जाम के हालात बने रहते है। यातायात पुलिस निरन्तर प्रयास करती है।
चूनाराम जाट, एसपी
एलिवेटेड का निर्माण स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में किया गया है। नीचे की सड़क निर्माण के दौरान टूटी है। ऐसे में सड़क की मरम्मत आरएसआरडीसी करेगी। सड़क की मरम्मत के लिए कहा गया है। लेकिन स्मार्ट सिटी में बजट नहीं होना बताया जा रहा है। मरम्मत के बाद कारपेट का काम पीडब्ल्यूडी करेगा।
अशोक तंवर, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी
दिवाली पर एलिवेटेड रोड के नीचे की सड़क की मरम्मत कर दी गई थी। इसके बाद बगैर अनुमति के टाटा पावर व जीओ फाइबर ने लाइन डालने के लिए सड़क को खोद दिया। नसियां से महावीर सर्किल तक भी सड़क फिर से खोद दी गई। टूटी हुई सड़क को मरम्मत किया जाना चाहिए था।
राजेश शर्मा, परियोजना निदेशक आरएसआरडीसी