
राज्य का बजट मध्यम वर्ग की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए होना चाहिए। जनता को राहत देने के लिए सरकार को रसोई गैस सिलेंडर के दामों में कमी, घरेलू बिजली की दरों को कम करने व अन्य रोजमर्रा में आने वाले खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी आनी चाहिए। आम लोगों का कहना है कि सरकार को पर्यटन, डिजिटल इंडिया योजना के अनुरूप स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्रों के लिए योजनाएं शुरू करनी चाहिएं। जैविक खेती के साथ-साथ निर्यात पर भी जोर दिए जाने की जरुरत है। पत्रिका ने बजट परिचर्चा में लोगों की राय जानी।
-बजट में पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने की जरूरत है। जिससे ई - वाहनों की बिक्री बढ़े। ई-वाहनों पर कर कम करने चाहिएं। स्टाम्प शुल्क व पंजीकरण शुल्क कम किया जाना चाहिए। कुछ वस्तुओं पर राज्य उत्पाद शुल्क की दरों पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। बिजली पर करों और शुल्क कम किया जाना चाहिए। एमएलयूपीवाई, युवा योजना, अंबेडकर योजनाओं का नवीनीकरण किया जाए।
नीति सिंह
-सरकार को पर्यटन परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। डिजिटल इंडिया योजना के अनुरूप स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्र को ऊपर उठाया जाना चाहिए। विभिन्न योजनाएं शुरू करके जैविक खेती के साथ-साथ निर्यात पर भी जोर दिया जाना चाहिए।
सुनीता सैनी
सरकार को बजट मध्यम वर्ग की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए पेश करना चाहिए। रसोई गैस सिलेंडर का दाम , बिजली का दाम व घरेलू उपयोग में आने वाली वस्तुओं के दाम नियंत्रित कर बजट पेश करना चाहिए। पेट्रोल व डीज़ल को जीएसटी में शामिल करना चाहिए। जिससे इनकी कीमतों पर अंकुश लग सके।
पवन कुमार शर्मा