अजमेर

संक्रमित प्रसूता के नवजात को ‘मातृत्व की छांवÓ

मातृत्व की छांव : जेएलएन अस्पताल के शिशु वार्ड में नर्सेज संभाल रही हैं नवजात शिशु को
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May 15, 2020
संक्रमित प्रसूता के नवजात को 'मातृत्व की छांवÓ
संक्रमित प्रसूता के नवजात को 'मातृत्व की छांवÓ

अजमेर. कोरोना संक्रमित प्रसूता ने सिजेरियन ऑपरेशन से शिशु को जन्म तो दे दिया मगर उसकी देखभाल करना मां के लिए किसी खतरे से कम नहीं था। अपने नवजात शिशु को कोरोना की काली छाया से बचाने के लिए अपने कलेजे के टुकड़े को अस्पताल में अपने से दूर ही रखा। इस नवजात की देखभाल एक मां की तरह नर्सेज कर रही हैं। बारी-बारी से ड्यूटी बदलने पर नर्सेज इस शिशु की सार-संभाल कर रही हैं।

जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के शिशु औषध विभाग के वार्ड में भर्ती कोरोना संक्रमित प्रसूता के शिशु का स्वास्थ्य ठीक है। आदर्श नगर निवासी प्रसूता को सैटेलाइट अस्पताल में पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद जेएलएन अस्पताल भेज दिया था। यहां चिकित्सकों की टीम ने विगत 9 मई को सिजेरियन प्रसव करवाया था। इसके बाद नवजात को शिशु वार्ड में भर्ती करवाया गया। प्रसूता का पति हालांकि कोरोना नेगेटिव है मगर फिलहाल क्वॉरंटीन में रह रहा है। ऐसे में नर्सिंग स्टाफ ही इस नवजात के कपड़े, डाइपर बदलने एवं बोतल से दूध पिलाने सहित पूरी देखभाल कर रही हैं। अस्पताल की नर्सिंग स्टाफ में अनिता बुन्देल, अनिता हाड़ा के अनुसार शिशु वार्ड में ड्यूटी देने वाले सभी नर्सिंगकर्मी कोरोना वॉरियर्स के रूप में सेवा कर रहे हैं।

नवजात स्वस्थ, ब्लड से नहीं फैलता कोरोना

मेडिकल कॉलेज के अतिरिक्त प्रिंसीपल एवं वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संजीव माहेश्वरी के अनुसार कोरोना ब्लड से नहीं फैलता है। ऐसे में प्रसूता के सिजेरियन प्रसव के बाद शिशु में किसी तरह का कोरोना का खतरा नहीं है। विगत दिनों पत्रिका से बातचीत में माहेश्वरी ने गर्भवती महिलाओं व प्रसूताओं के स्वास्थ्य को लेकर स्वास्थ्य जानकारी उपलब्ध करवाई गई।

Updated on:
15 May 2020 12:46 am
Published on:
15 May 2020 12:46 am