अजमेर

पीएम से लेकर पब्लिक की 2019 पर निगाहें, आखिर ऐसा क्या होने वाला है नए साल में

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Updated: 3 Nov 2018, 10:29 AM IST
road construction work
road construction work

दिलीप शर्मा/अजमेर।

अजमेर नागौर मार्ग पर आकाशवाणी से सिलोरा नागौर सीमा तक बनने वाला पुष्कर बाईपास का कार्य अब अगले वित्तीय वर्ष मार्च 2019 से ही शुरू हो पाएगा। करीब 22 किलोमीटर बाईपास का कार्य पिछले करीब दो वर्ष से अटका पड़ा है। ठेकेदार से विवाद व भूमि अधिग्रहण के विवाद के चलते पूर्व ठेकेदार फर्म ( कंसेशनर) ने काम बंद कर दिया था।

विवाद बढ़ते देख केन्द्रीय सडक़ व परिवहन मंत्रालय ने खुद हस्तक्षेप किया है। पुराने ठेकेदार व बैंकर्स के बीच अहम बैठक हो चुकी है। पुराने ठेकेदार का लेन देन निपटाने के बाद मंत्रालय संभवत: वर्ष के अंत तक निविदाएं जारी करेगा।

यह निविदाएं नई पद्दति ईपीसी (इंजीनियर्स प्रिक्योरमेंट कंस्ट्रक्शन) के तहत जारी की जाएंगी। निविदा प्रक्रिया करीब तीन माह में पूरी होगी। ऐसे में नए ठेकेदार मार्च 2019 में ही काम शुरू कर पाएगा। फिलहाल इस मार्ग पर आवागमन अप्रेल 2019 से शुरू होने की उम्मीद है।

अजमेर- नागौर मार्ग पर पुष्कर बाईपास : एक नजर
अजमेर से नागौर मार्ग पर पुष्कर घाटी व मौजूदा बाईपास के पास ही एक अन्य बाईपास निर्माण प्रस्तावित है। इसमें जयपुर रोड आकाशवाणी से गगवाना, कायड़, माकड़वाली, होकरा, कानस, देवनगर व सिलोरा होते हुए बाडी घाटी से नागौर सीमा को जोड़ता है। इस महत्ती योजना का लक्ष्य अजमेर से नागौर की दूरी करीब 13 किलोमीटर कम हो जाएगी।जयपुर से मेड़ता,नागौर, बीकानेर जाने वाले भारी वाहन बगैर पुष्कर घाटी आगे जा सकेंगे।

पुराने ठेकेदार जीवीआर ने बीओटी सिस्टम के तहत बाईपास निर्माण करना था। राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण ने निर्माण का ठेका दिया लेकिन बाद में अधिग्रहण व लागत के विवाद के चलते दो वर्ष से काम ठप हो गया था।

मंत्रालय को करना पड़ा हस्तक्षेप

केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी तक मामला पहुंचा था। जानकार बताते हें कि पुराने ठेकदेार का हिसाब करने तक बात पहुंच गई थी लेकिन राशि अधिक होने के कारण बात नहीं बनी थी।

नई पद्दति से जारी होगी निविदा

मंत्रालय अब इस मामले में ईपीसी के तहत काम कराएगा। इसमें ठेकेदार को डिजाइन खुद तैयार करवाकर इसे अप्रूव्ड कराना होगा। काम का भुगतान विभिन्न चरणों के पूरा होने के साथ किया जाएगा। सरकार व मंत्रालय के इंजीनियर्स क्वालिटी व समयावधि पर नजर रखेंगे।
आंकड़ों की जुबानी

अजमेर नागौर की कुल दूरी - 161 किलोमीटर
अजमेर पुष्कर बाईपास बनने के बाद नागौर की दूरी रह जाएगी - 148 किमी

परियोजना की लागत - 377.15 करोड़
अजमेर पुष्कर बाईपास की लंबाई - 22 किलोमीटर.

पुराने ठेकेदार व बैंकर्स के बीच सरकारी नुमाइंदों की मौजूदगी में वार्ता हो गई है। इस वर्ष के अंत तक नई निविदाएं जारी करने के बाद मार्च 2019 में काम शुरू होने की उम्मीद है।

चतुर्भुज खुडीवाल, अधिशाषी अभियंता, नागौर निदेशक परियोजना एनएचआई।

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