अजमेर

कुलपति के साथ खोया रोज गार्डन, अब शायद ही नजर आएं गुलाब

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Updated: 8 Jan 2019, 6:33 AM IST
rose garden in mdsu
rose garden in mdsu

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में ‘रोज गार्डन ’ अब शायद ही नजर आएगा। पूर्व कुलपति प्रो. विजय श्रीमाली के निधन के साथ फूलों के नायाब बगीचे का प्रस्ताव खो गया है। आगंतुकों और शिक्षकों-कार्मिकों- विद्यार्थियों की सुंदर गुलाब देखने की हसरत पूरी होना मुश्किल है।

यूं तो विश्वविद्यालय के कायड़ रोड स्थित परिसर में कई पेड़-पौधे लगे हुए हैं। यहां मुख्य भवन के सामने शानदार बगीचे भी बनाए गए हैं। लेकिन केंद्रीय पुस्तकालय, कणाद भवन और विक्रमादित्य भवन के सामने वाला हिस्सा खाली है। इसके एक कोने में भरत मुनि खुला रंगमंच बना हुआ है। बकाया भाग मेंं सरस्वती की मूर्ति और पार्र्किंग का स्थान है। पूर्व कुलपति प्रो. विजय श्रीमाली परिसर में रोज गार्डन बनवाना चाहते थे। बीते साल 20 जुलाई को उनका निधन हो गया है। इसके साथ ही रोज गार्डन का प्रस्ताव खो गया।

लगने हैं रंगबिरंगे गुलाब

प्रस्तावित रोज गार्डन में गुलाब की सभी तरह की किस्म लगाई जानी है। इनमें पुष्कर का गुलाबी गुलाब, लाल, काला, पीला, सफेद और अन्य गुलाब शामिल हैं। इनके लिए खाद-पानी और उचित वातावरण की व्यवस्था की जानी है। विश्वविद्यालय की उद्यान शाखा को इसे मूर्त रूप देना है।

चाहें तो बन सकता है गार्डन
विश्वविद्यालय चाहे तो प्रो. श्रीमाली के ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा कर सकता है। परिसर में कई जगह खाली जमीन पड़ी है। केवल प्रस्तावित योजना को आगे बढ़ाने की जरूरत है। मालूम हो कि रोज गार्डन को राष्ट्रपति भवन के मुगल गार्डन की तरह साल में एक-दो बार आमजन के अवलोकन के लिए खोलने की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा कुलपति निवास के सामने स्थित हिस्से में भी गुलाब और अन्य फूलों की किस्में लगाई जानी हैं।

नहीं लग पाए फलदार पौधे

प्रो. श्रीमाली ने परिसर में सभी तरह के फलदार पौधे लगाने के निर्देश भी दिए थे। इनमें आम, अंगूर, संतरा, अमरूद, चीकू, अंजीर, पपीता और अन्य फलों के पौधे शामिल हैं। फलदार पौधे लगाए जोन पर परिसर में कई तरह पक्षियों की आवाजाही हो सकती है। साथ ही भविष्य में शिक्षकों, विद्यार्थियों और लोगों को फलों की अच्छी किस्म भी देखने को मिल सकती है।

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