अजमेर

बदल गए कलक्टर और एसपी, नहीं बन सकी अब तक ये खास रिपोर्ट

www.patrika.com/rajasthan-news

less than 1 minute read
Jan 05, 2019
rpsc waits for report
rpsc waits for report

अजमेर.

वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक) प्रतियोगी परीक्षा-2018 के तहत वॉट्सएप पर आए हिंदी के पेपर के मामले में राजस्थान लोक सेवा आयोग को दो महीने से रिपोर्ट का इंतजार है। बाडमेर जिला प्रशासन ने चुनाव की व्यस्तता का हवाला देकर समय मांगा था। यह अवधि समाप्त होने के बावजूद रिपोर्ट का अता-पता नहीं है।

आयोग की वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक) प्रतियोगी परीक्षा-2018 के तहत बीते साल 1 नवम्बर को सुबह 9 से 11.30 बजे हिंदी का पेपर हुआ था। बाडमेर में वॉट्सएप पर हिंदी विषय का ‘ओ’ सीरीज का पेपर आ गया। आयोग और पुलिस की गहन पड़ताल में बाडमेर का माधव कॉलेज और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी और पार्षद चन्हित हुआ। इसके अलावा कॉलेज में परीक्षा से पहले सीसीटीवी कैमरा बंद होने, केंद्राधीक्षक की कथित मिलीभगत भी सामने आई। आयोग ने बाडमेर जिला प्रशासन और पुलिस से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी।

दिया विधानसभा चुनाव का हवाला
बाडमेर पुलिस और जिला प्रशासन ने रिपोर्ट तैयारी करने के लिए कुछ वक्त मांगा। साथ ही बीते वर्ष 11 दिसंबर तक विधानसभा चुनाव में व्यस्तता का हवाला दिया। आयोग ने भी कोई जल्दबाजी नहीं की। लेकिन अब चुनाव खत्म हुए 20 दिन बीत चुके हैं। फिर भी रिपोर्ट आयोग में नहीं पहुंची है। इस बीच बाडमेर में नए जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक पदभार संभाल चुके हैं।

आयोग को करनी है बड़ी कार्रवाई
हिंदी के पेपर से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट पर आयोग को बड़ी कार्रवाई करनी है। अध्यक्ष दीपक उप्रेती की सदारत में फुल कमीशन इस पर चर्चा करेगा। आयोग केंद्राधीक्षक, कर्मचारी-पार्षद के खिलाफ कार्रवाई करेगा। इसके अलावा हिंदी के पेपर और चिन्हित हुए एक दर्जन अभ्यर्थियों और अन्य के भविष्य का फैसला होगा।

Updated on:
02 Jan 2019 04:25 pm
Published on:
05 Jan 2019 08:45 am