अजमेर

पुराने काम के फर्जी दस्तावेज पेश कर कायमपुरा ग्राम पंचायत में 3 लाख का गबन

महिला सरपंच समेत चार जनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, सहायक अभियंता नरेगा ने जांच में माना दोषी

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Mar 14, 2025
पुराने काम के फर्जी दस्तावेज पेश कर कायमपुरा ग्राम पंचायत में 3 लाख का गबन

अजमेर(Ajmer News). कायमपुरा ग्राम पंचायत में मनरेगा में सड़क पर सीसी ब्लॉक लगाने के पुराने निर्माण कार्य के फर्जी दस्तावेज पेशकर 3 लाख रुपए के गबन का मामला सामने आया है। सूचना के अधिकार में मिली सूचना के आधार पर सामाजिक कार्यकर्ता ने कायमपुरा सरपंच, तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी, कनिष्ठ सहायक और कनिष्ठ तकनीकी सहायक के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज बनाकर गबन करने का गेगल थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है।

मनरेगा श्रमिकों के खाते में डाली रकम

पुलिस के अनुसार गेगल कायमपुरा निवासी असगर अली ने ग्राम पंचायत कायमपुरा सरपंच फरीदा बानो, तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी रामलाल जाट, कायमपुरा ग्राम पंचायत के तत्कालीन कनिष्ठ सहायक धर्मवीर झारोटिया और पंचायत समिति अजमेर ग्रामीण के कनिष्ठ तकनीकी सहायक नन्दकिशोरजांगिड के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज बनाने के आरोप में गेगल थाने में गबन का मुकदमा दर्ज कराया है। असगर ने रिपोर्ट में बताया कि सूचना के अधिकार में मिली जानकारी में सामने आया कि ग्राम पंचायत कायमपुरा में सी.सी. ब्लॉक, नाली निर्माण के लिए निविदा जारी की थी। आरोपियों ने राज्य सरकार से दो रास्ते के निर्माण के लिए 15.99 लाख रुपए अलग-अलग मद में स्वीकृत करवा ली। जब उक्त कार्य स्वीकृत करने पर निर्माण स्थान की जानकारी नरेगा की वेबसाइट से की तो पता चला कि स्वीकृत कार्य ऊंटडा रोड पर सुलेमान की दुकान तक सी.सी. ब्लॉक रोड व नाली निर्माण किया जाना था। दूसरा निर्माण रियाज की दुकान से सफी के मकान तक सी.सी. ब्लॉक व नाली निर्माण करना था लेकिन उक्त निर्माण मौके पर नहीं कराया गया। आरोपियों ने झूठे दस्तावेज से निर्माण कार्य बताकर निर्माण के फर्जी दस्तावेज विभागीय कार्यालय में पेश कर दिए। आरोपियों ने 3 लाख रूपए नरेगा मजदूरों के बैंक खातों में फर्जी तरीके से डलवाकर हडप कर ली।

कलक्टर को दी थी शिकायत

असगर ने शिकायत में बताया कि दोनों निर्माण 2015-16 में तत्कालीन सरपंच रोजादीन के कार्यकाल में भी हुआ। जिसे आरोपियों ने नया निर्माण बताकर गबन किया। उसने मामले में जिला कलक्टर को 16 अगस्त 2024 को शिकायत दी थी। ताकि भुगतान को रोका जा सके।

जांच में भी माना दोषी

असगर ने बताया कि उसने मुख्य सचिव(पीएलएस) को 5 नवम्बर 024 को शिकायत दी थी। जांच जिला परिषद अजमेर को भेजी गई। जांच अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद अजमेर ने सहायक अभियंता नरेगा सोनराज मीणा से करवाई। जांच रिपोर्ट में आरोपियों को मनरेगा वित्त एवं लेखा मार्गदर्शिका 2011 में गबन के पुनर्विनियोजन पर गम्भीर वित्तीय अनियमितता का दोषी मानकर वसूली की रिपोर्ट दी गई। मुख्य कार्यकारी जिला परिषद अजमेर ने जांच रिपोर्ट के आधार पर कनिष्ठ तकनीकी सहायक नन्दकिशोरजांगिड को 4 दिसम्बर 2024 को प्रथमदृष्टया दोषी मानकर कारण बताओ नोटिस दिया। आरोपियों ने पद का दुरूपयोग करते हुए गबन किया है।

Updated on:
14 Mar 2025 01:01 am
Published on:
14 Mar 2025 12:46 am
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