
रक्तिम तिवारी/अजमेर।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में हैट्रिक बना सकते हैं। वे लगातार तीसरी बार छात्रसंघ कार्यालय का उद्घाटन कर सकते हैं। छात्रसंघ पदाधिकारियों ने अपने रसूखात से पायलट और मुख्यमंत्री से संपर्क किया है। उधर छात्रसंघ अध्यक्ष के निर्दलीय होने से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में नाराजगी है। कायकर्ता मुख्यमंत्री, राज्य सरकार के मंत्री अथवा भाजपा पदाधिकारियों के कार्यक्रम में शामिल नहीं होने की पक्षधर नहीं है। इसके चलते प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पायलट पर निगाहें टिकी हैं।
छात्रसंघ चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी मनीष पूनिया अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रत्याशी चैनाराम चौधरी को 213 वोट से हराकर अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। चुनाव में अंदरूनी तौर पर विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे कई छात्रों, पदाधिकारियों ने भी पूनिया का साथ दिया था। इससे विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता खासे नाराज हैं। पूनिया इसी महीने या नवम्बर-दिसम्बर में छात्रसंघ कार्यालय का उद्घाटन कराएंगे। वे सीएम या प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट को समारोह में बुलाना चाहते हैं।
नहीं काम आई छात्रनेता की पैरवी!
अधिकृत सूत्रों के अनुसार बीते 7 अक्टूबर को मुख्यमंत्री पुष्कर विधानसभा क्षेत्र में बैठक के लिए आई थीं। यहां भाजपा से जुड़े विश्वविद्यालय के छात्रनेता ने सीएम से मुलाकात कराने की बात कही। लेकिन छात्रसंघ पदाधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। छात्रनेता के दो-तीन बार आग्रह करने पर मुख्यमंत्री के ओएसडी ने उन्हें ज्यादा पैरवी नहीं करने की हिदायत दी। उधर छात्रसंघ पदाधिकारी अपने स्तर पर मुख्यमंत्री से मुलाकात में जुटे हुए हैं।
परिषद कार्यकर्ता हैं खफा
पूूनिया के कार्यालय के उद्घाटन समारोह में सीएम, किसी मंत्री अथवा भाजपाइयों के आने को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नाराज है। अंदरूनी तौर पर वे विरोध भी जता चुके हैं। पूनिया द्वारा परिषद के प्रत्याशी को हराने, चुनाव के दौरान पूर्व छात्रों के उनके साथ कामकाज करने की शिकायतें वे पहले ही पहुंचा चुके हैं। तो पायलट की होगी 'तिकड़ी Ó
छात्रसंघ पदाधिकारियों ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट से भी संपर्क किया है। पायलट छात्रसंघ उद्घाटन समारोह में आए तो यह उनकी 'तिकड़ीÓ होगी। इससे पहले वे पूर्व अध्यक्ष भगवान सिंह चौहान और दीनाराम धौलिया के कार्यालय का उद्घाटन कर चुके हैं।