अजमेर

ठेले पर फल-सब्जी बेचकर मुफ्त में कोई ‘ कोरोना’ तो नहीं दे रहा!

कोरोना संक्रमण को लेकर लोगों में आई जागरुकता, ठेले पर फल-सब्जी विक्रेता, फेरी लगाने वाले अनजान लोग, दूधिए तथा घर आने वाला हर कोई लगता संदिग्ध

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Apr 25, 2020
ठेले पर फल-सब्जी बेचकर मुफ्त में कोई ‘ कोरोना’ तो नहीं दे रहा!

ajmer अजमेर. कोरोना संक्रमण को लेकर लोग काफी सजग रहने लगे हैं। घर या मोहल्ले में आने वाला कोई अनजान कोरोना पीडि़त तो नहीं है। यदि कोई मास्क लगाकर नहीं आता है तो लोग उसे टोकने लगे हैं।

अब तो घर पर दूध लेकर आने वाला दूधिए पर भी लोगों को भरोसा नहीं रहा। इसलिए सेनेटाइजर का उपयोग अधिक होने लगा है। अजमेर, केकड़ी, किशनगढ़, ब्यावर, रूपनगढ़, सरवाड़ व पुष्कर शहर में लोगों को ठेले पर फल-सब्जी बेचने वाले भी कोरोना संदिग्ध नजर आने लगे हैं।

लोगों की प्रशासन से मांग है कि ठेले पर गली-मोहल्ले में सब्जी बेचने वालों की कोरोना जांच कराई जाए। इनकी रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद इन्हें सब्जी बेचने की अनुमति मिलनी चाहिए।

कई लोगों के सम्पर्क में

शुक्रवार को अजमेर, किशनगढ़ व केकड़ी में लोगों ने ऐसे ठेले वालों का विरोध भी किया। आरोप है कि यह ठेला चालक मंडी जाकर सब्जियां लाते हैं। एक गली से दूसरी गली में घूमते रहते हैं। जो कई लोगों के सम्पर्क में आ रहे हैं।

कॉलोनियों में ठेले पर सब्जियां व फल बेचने वाले ऐसे लोगों के पास प्रशासन का अनुमति पत्र होना चाहिए जो गले में लटकाया जाए। साथ में कोरोना जांच की नेगेटिव रिपोर्ट जरूरी है।

बाजार में इन दिनों भीड़ अधिक होने से कई लोग ठेलों पर खरीद कर रहे हैं। ऐसे में प्रशासनिक और पुलिस की ओर से ऐसे विक्रेताओं को चिह्नित कर पहचान से संबंधित आईडी और एरिया की जानकारी को लेकर पास जारी होना चाहिए। ताकि क्षेत्रीय लोग बेखौफ इन ठेलों पर अपनी जरुरत की चीजों की खरीदारी कर सके।

गले में अनुमति पत्र, ठेले पर लगा हो नाम और पते का फ्लैक्स

गली मोहल्लों में फल-सब्जी समेत अन्य वस्तुओं की बिक्री वाले ठेले घूम रहे हैं। लोगों का कहना है कि विक्रेता का क्या नाम है और वह कहां से आया है। यह किसी को पता नहीं। ऐसे में लोग खाने की चीजें खरीदने से भी कतरा रहे हैं। प्रशासन को चाहिए कि ऐसे विक्रेताओं की पूरी जानकारी मोबाइल नम्बर सहित ठेले पर चस्पा होनी चाहिए।

Published on:
25 Apr 2020 12:38 am
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