अजमेर

गहरी खाइयां देख माइनिंग चीफ सैकेट्री का ठनका माथा, बोले- इनको कैसे भरेंगे!

अजमेर जिले के खरवा स्थित शक्ति सागर झील में पानी की आवक और भराव सुनिश्चित करने का मामला,राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिबनल कोर्ट, भोपाल ने खाइयों को पाटने के दिए हैं आदेश, 4 जून को एनजीटी कोर्ट में जवाब देगा प्रशासन
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Jun 03, 2020
गहरी खाइयां देख माइनिंग चीफ सैकेट्री का ठनका माथा, बोले- इनको कैसे भरेंगे!
अजमेर जिले के खरवा क्षेत्र स्थित शक्ति सागर झील के केचमेंट एरिया में पानी की आवक के अवरोधकों की जानकारी लेने पहुंचे राज्य सरकार के माइनिंग चीफ सैकेट्री,अजमेर जिला कलक्टर व अन्य अधिकारी।

ajmer अजमेर. राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिबनल कोर्ट,भोपाल के आदेश पर राजस्थान माइनिंग चीफ सैकेट्री जयपुर व जिला कलक्टर, अजमेर मंगलवार को खरवा पहुंचे। इस दौरान शक्तिसागर तालाब के पानी आव क्षेत्र की गोपालसागर नहर में अवैध खनन की खाइयों व एनिकट को देखा।

गोपालसागर व गुवाडिय़ा की अवैध खदानों की खाइयों को देख माइनिंग चीफ सैकेट्री के. एल. मीणा का सिर चकरा सा गया। चेहरे पर तनाव देखकर खनिज विभाग के अफसर भी डर गए। मीणा बोले-इतनी गहरी खाइयां नहीं भरी जा सकती। इतना मलबा कहां से और कैसे आएगा। इसकी लागत कहां से खर्च करेंगे। मीणा ने आश्चर्य जताया कि अवैध खदानों के चलते ऐसे हालात के लिए कौन जिम्मेदार है। ऐसा सुनते ही जिला प्रशासन के अधिकारी बगले झांकने लगे। किसी से कोई जवाब देते नहीं बन पाया। आखिर राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिबनल कोर्ट,भोपाल को क्या रिपोर्ट पेश करेंगे।

पेशोपेश में सरकारी अधिकारी

मीणा के चेहरे पर चिंता की लकीरें देख जिला कलक्टर विश्वमोहन शर्मा, उपखण्ड अधिकारी मोहन लाल खटनावलिया, तहसीलदार प्रभात त्रिपाठी, ब्यावर डिप्टी हीरा लाल, सदरथाना प्रभारी सुरेन्द्र सिंह व खनन विभाग के अभियंता सुनील शर्मा भी तनाव में आ गए।

इससे पूर्व माइनिंग चीफ मीणा ने खरवा में शक्तिसागर तालाब का नक्शा व वस्तु स्थिति देखी। फिर गोपालसागर की अवैध खदानों व मसूदा रोड पर तालाब में पानी आव क्षेत्र के एनिकट का मुआयना किया। इस दौरान उपखण्ड के सभी विभागों के अधिकारी साथ रहे। तालाब आव क्षेत्र के निरीक्षण के बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के लिए सभी अधिकारी अजमेर चले गए

मलबा भराने की औपचारिकता

गत दिनों जिला कलक्टर विश्वमोहन शर्मा तालाब के पानी आव क्षेत्र का निरीक्षण करने आए थे। तब इधर-उधर घुमाने पर खनन विभाग को लताड़ा मिली थी। तब उपखण्ड प्रशासन ने अवैध खनन की खाइयां दिखाई व पहले नहीं दिखाने से नाराज होकर जिला कलक्टर ने कहा था कि खाइयों को भरने की तैयारी करो।

मंगलवार को माइनिंग चीफ सैकेट्री मीणा के साथ कलक्टर के आने की जानकारी मिलने पर खनन विभाग के अधिकारियों ने आनन-फानन में खनन कर्ताओं से खाइयों में मिट्टी डालने के लिए मदद मांगी। इस दौरान अवैध खनन वाले तो पास ही नहीं आए। तब पट्टाधारी खनन कर्ताओं ने अपने साधन कलक्टर को दिखाने के लिए लगाए। पास की फैक्ट्रियों का मलबा खाइयों में डालने लगे। जैसे कि खाइयां भरने की तैयारिया की जा रही हो। फिर भी कलक्टर नाराज रहे और कुछ नहीं बोले,लेकिन इशारों-इशारों में अधिकारियों को अपनी नाराजगी दिखा दी।

17 जून को आ सकती है एनजीटी टीम

राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिबनल कोर्ट भोपाल के आदेश पर जिला कलक्टर अजमेर व माइनिंग चीफ सैकेट्री जयपुर को मिले नोटि, के आधार पर मंगलवार जांच के अंतिम दिन प्रशासन ने रिपोर्ट तैयार कर ली। प्रशासन 4 जून को कोर्ट में इसे पेश करेगा। प्रशासन की जांच रिपोर्ट के आधार पर राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिबनल कोर्ट भोपाल के आयुक्त 17 जून को कोर्ट की पालना में रिपोर्ट के सत्यापन के लिए आ सकते हैं।

पानी का सुगम प्रवाह जरूरी

माइनिंग चीफ सैकेट्री ने खरवा से लौटकर अजमेर में सम्बन्धित अफसरों के साथ बैठक की। इस दौरान तय किया गया कि शक्तिसागर झील के आसपास पानी की आवक के रास्तों को सुचारू किया जाएगा। इसके लिए गैर जरूरी एनीकट हटाने, गड्ढों को भरने तथा पाल व भराव क्षेत्र में अन्य जरूरी कार्य करने के लिए योजना तैयार होगी। खनन विभाग ने खदानों के गड्ढे भरने का काम शुरू भी कर दिया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल,भोपाल ने शक्ति सागर झील को लेकर दिए निर्देशों की पालना में यह कार्रवाई की जा रही है।

Published on:
03 Jun 2020 12:39 am