
अजमेर.
राजस्थान लोक सेवा आयोग में लम्बे अर्से से सातवें सदस्य की नियुक्ति नहीं हुई है। सरकार ने जुलाई में रामूराम राईका को छठा सदस्य नियुक्त किया था। इसके बाद तीन महीने निकल गए पर एक सदस्य का पद अब तक रिक्त है।
वर्ष 1949 में राजस्थान लोक सेवा आयोग सेवा का गठन किया गया था। इसका कार्य निर्धारण राजस्थान लोक सेवा आयोग नियम एवं शर्तें 1963, राजस्थान लोक सेवा आयोग ( शर्तें एवं प्रक्रिया का मान्यकरण अध्यादेश -1975, नियम-1976) के तहत हुआ है। इसमें अध्यक्ष सहित सात सदस्य होते हैं। आयोग में बीते वर्ष 5 मार्च को एच. के. खींचड़ और 11 जुलाई को श्याम सुंदर शर्मा के अध्यक्ष (तब सदस्य) बनने के बाद दो सदस्यों के पद रिक्त थे। सरकार ने बीती जुलाई में रामू राम राइका को सदस्य नियुक्त किया।
अभी भी एक सदस्य का पद रिक्त
मौजूदा समय डॉ. आर. डी. सैनी, के. आर. बागडिय़ा, राजकुमारी गुर्जर, श्याम सिंह राठौड़, सुरजीतलाल मीणा और आर.आर. राइका ही सदस्य हैं। सरकार ने आयोग में सातवें सदस्य की नियुक्ति करना मुनासिब नहीं समझा है।
इंतजार के बाद मिला था स्थाई अध्यक्ष
सरकार ने 17 दिसम्बर को डॉ. राधेश्याम गर्ग को अध्यक्ष नियुक्त किया था। नियमानुसार अध्यक्ष अथवा सदस्य 62 साल की उम्र तक ही पद पर रह सकते हैं। इस लिहाज से पूर्व अध्यक्ष डॉ. राधेश्याम गर्ग का कार्यकाल 1 मई को खत्म हो गया। सरकार के स्थाई अथवा कार्यवाहक अध्यक्ष की नियुक्ति आदेश नहीं देने पर डॉ. गर्ग पद त्याग (रिलेंक्विश) कर चले गए। सरकार ने करीब 70 दिन बाद दीपक उप्रेती को अध्यक्ष नियुक्त किया।
नियमों के भरोसे चलता है आयोग
आयोग बीते एक साल में करीब 140 दिन बिना अध्यक्ष के रहा है। यह नियमों के भरोसे ही संचालित रहता है। यहां स्थाई या कार्यवाहक अध्यक्ष नहीं होने पर नियमानुसार वरिष्ठतम सदस्य कामकाज संभालते है, ताकि आयोग के नियमित कार्यों में दिक्कतें नहीं हो। साक्षात्कार या अहम परीक्षा चलने की स्थिति में फुल कमीशन की बैठक होती है। कमीशन वरिष्ठतम या उनकी गैर मौजूदगी में अन्य सदस्य को परीक्षा एवं साक्षात्कार बोर्ड तय करने के लिए अधिकृत करता है।