अजमेर

शिफ्ट नहीं हो सकी दुकानें, गुलाब बाड़ी आरओबी निर्माण हुआ बंद

rआरएसआरडीसी कर रही है निर्माण :- संभागीय आयुक्त की कमेटी को सौंपा मामला - राज्य सरकार व रेलवे जारी कर चुके हैं पहली किश्त - मार्च 2019 में पूरा होना है ब्रिज का निर्माण - सितम्बर 2018 से चल रहा है काम -850 मीटर है ब्रिज की लम्बाई -40 करोड़ होने हैं खर्च

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Dec 17, 2019
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भूपेन्द्र सिंह. अजमेर

अजमेर. रेलवे की मदार अजमेर रेल लाइन के गुलाबबाड़ी फाटक पर बनाए जा रहे रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) Gulab Bari rob के निर्माण में बाधक बन रही वैध/अवैध रूप से बनाई गई दुकानों/ कियोस्क के शिफ्ट shift नहीं होने के कारण ब्रिज का निर्माण बंद हो गया। निर्माण कर रही एजेंसी आरएसआरडीसी को निर्माण construction के लिए जगह ही नहीं मिल रही है। ऐसे में आरओबी निर्माण के लिए निर्धारित की गई मार्च 2020 तक इसका पूरा होना मुश्किल है। दुकानों को हटाने/ शिफ्ट करने के लिए पीडब्ल्यूडी के अलावा एडीए व नगर निगम भी सर्वे कर चुके हैं। इसकी रिपोर्ट जिला कलक्टर को भी सौंपी जा चुकी है। लेकिन अब तक शिफ्टिंग का सुलझाया नहीं जा सका है। वही अब दुकानों की शिफ्टिंग के लिए संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी में जिला प्रशासन,नगर निगम, एडीए, पीडब्ल्यूडी के अधिकारी शामिल हैं। यह कमेटी ही अब दुकानों की शिफ्टिंग पर यह कमेटी ही निर्णय करेगी। दुकानों/ केबिनों के कारण यातायात भी बाधित हो रहा है।

रेलवे व राज्य सरकार ने जारी की पहली किस्त
गुलाबबाड़ी आरओबी के निर्माण पर खर्च होने वाली 40 करोड़ की राशि में से रेलवे ने 2.84 करोड़ तथा राज्य सरकार ने 2 करोड़ रुपए की पहली किस्त की राशि जारी कर दी है। ब्रिज निर्माण पर खर्च होने वाली राशि का आधा पैसा रेलवे तथा आधा पैसा राज्य सरकार वहन करेगी।

फैक्ट फाइल
सितम्बर 2018 से आरएसआरडीसी इस ब्रिज का निर्माण कर रही है। निर्माण कार्य फरवरी 2020 में पूरा होना है। 850 मीटर लम्बे ब्रिज का निर्माण पर 40 करोड़ खर्च होने हैं। मदार की तरफ 5 पिलर तथा अजमेर शहर की तरफ 2 पिलर तैयार हो चुके हैं। 2-3 पिलर की फाउंडेशन डाली गई है लेकिन दुकानों व ट्रैफिक के कारण काम प्रभावित हो रहा है। इन अवैध दुकानों व अवैध निर्माण के कारण ब्रिज निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। दुकानों/केबिनों के कारण यातायात भी बाधित होता है।

अधिकतर भूमि पीडब्ल्यूडी की
अब तक हुए सर्वे मेंं सामने आया है कि अधिकतर भूमि पीडब्ल्यूडी की है। शहर से गुलाबबाड़ी फाटक की दायीं ओर 16 अतिक्रमण/ दुकानें है, कुछ चबूतरे भी बने हुए है। शहर से गुलाबबाड़ी फाटक की दायीं और 54 दुकानें/ कियोस्क हैं। दो मंदिर व एक प्याऊ भी बनाया गया है। कुछ दुकानदारों ने बताया कि नगर निगम ने 99 साल की लीज पर दुकानें दी है। कुछ का आवंटन एडीए ने किया है। फाटक के दोनों ओर कुल 59 दुकानें/ कियोस्क बने हुए हैं। इनमें केवल 11 ही वैध हैं 48 दुकानें/ केबिन अवैध हैं।

Published on:
17 Dec 2019 09:32 pm
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