अजमेर

अनोखी है अजमेर की यह गली, एक मकान में घुसो तो निकल जाओ दूसरे पार

पड़ोस की छतों व सड़क से ही किया जा रहा है। इमारत में जलती गांठें हवा के साथ फिर से आग पकड़ लेती है।

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Oct 11, 2017
small street create problem in ajmer

तंग गलियां कैसे नुकसान पहुंचाती है, इसका नमूना शहर में देखने को मिला। मूंदड़ी मोहल्ला क्षेत्र में शॉर्ट सर्किट से धागे के गोदाम में आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें गोदाम की पहली व दूसरी मंजिल तक पहुंच गई। तेजी से भड़की आग ने गोदाम में रखे सूती कपड़े और धागे को चपेट में ले लिया।

शहर के सघन व संकरे इलाके में लगी आग को को बुझाने में नगर निगम के दमकलकर्मियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। देर शाम तक आग सुलगती रही। निगम व दमकल कर्मचारी आग बुझाने के साथ जर्जर हो चुकी इमारत को ढहाने में जुटे रहे।

पुलिस के अनुसार मंगलवार मूंदड़ी मोहल्ला जत्ती चौक स्थित गोयल ट्रेडर्स के गोदाम में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। धागे और कपड़े की गांठ में लगी आग से उठे धुएं से आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। सूचना मिलते ही गोदाम के मालिक महेश गोयल व दिनेश गोयल पहुंच गए। गोदाम में आग को बुझाने के लिए पड़ोसी के साथ व्यापारियों ने अग्निशामक यंत्रों से काबू पाने का प्रयास किया लेकिन आग तेजी से भड़कते हुए पहली-दूसरी मंजिल तक पहुंच गए। कोतवाली थानाप्रभारी बीएल. मीणा जाप्ते के साथ पहुंच गए लेकिन दमकल वाहन के समय पर नहीं पहुंचने पर कोई कुछ नहीं कर सका। आखिर करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद एक छोटी गाड़ी तंग गली के मुहाने तक पहुंची। यहां से पाइप बिछाकर आग को बुझाने का प्रयास किए गए। आग पर देर शाम तक कापू पाया जा सका।

पांच गाडिय़ां लगाए ३० फेरे
दमकल कर्मचारियों ने बताया कि आग को बुझाने के लिए पांच दमकल वाहन तैनात किए गए। छोटी ४०७ को गली में घुसाने के बाद बाकी ५ बड़ी गाडिय़ां लगातार पानी के लिए चक्कर लगाती रही। कुल ३० चक्कर के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

इमारत ढहाने की कवायद
आग लगने के बाद इमारत की छत की अधिकांश पट्टियां तड़क गई। वहीं ऊपरी हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त होने के साथ दरारें पड़ गए। आखिर नगर निगम के कर्मचारियों ने इमारत के बड़े हिस्से को नीचे गिरा दिया। देर शाम तक इमारत के ऊपरी हिस्से को गिराने का कार्य चलता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जर्जर इमारत क्षेत्रवासी के लिए खतरा बन चुकी है।

सुलगती रही गठरियां
दीपेश गर्ग ने बताया कि गोदाम में कपड़े व सूती (रेजी) की गांठे हैं जो आग बुझाने के बाद भी सुलग रही है। इमारत जर्जर होने के चलते आग को बुझाने का काम पड़ोस की छतों व सड़क से ही किया जा रहा है। इमारत में जलती गांठें हवा के साथ फिर से आग पकड़ लेती है।

तीन लाख रुपए का नुकसान
गोदाम के मालिक महेश गोयल ने बताया कि आग में करीब तीन से साढ़े ३ लाख रुपए का माल जलकर राख हो गया। गोदाम में धागे, सूती कपड़ा और रेजी समेत ढेर सारा माल पड़ा था। आग में सब कुछ जलकर राख हो गया। गोयल ने बताया कि वह दुकान खोलने से पहले गोदाम आकर गए थे। आगामी दिनों में गोदाम के भूतल पर दुकान खोलने की योजना थी।

संकरी गली में व्यावसायिक प्रतिष्ठान
शहर के पुराने रिहायशी इलाकों की तंग गलियों में तीन-तीन मंजिला इमारतों में बने गोदाम कभी भी जनहानि का सबब बन सकते हैं। यहां चौपहिया तो दूर दुपहिया वाहन के प्रवेश में परेशान उठानी पड़ती है। ऐसे हादसे के वक्त दमकल और एम्बुलेंस का पहुंचना तो दूर की कौड़ी है लेकिन इस सबके बावजूद शहर के मूंदड़ी मोहल्ला, नला बाजार, डिग्गी बाजार, घसेटी बाजार, झूला मोहल्ला, पुरानी मंडी, हाथीभाटा, दरगाह बाजार, अन्दर कोट और लंगरखाना गली की तंग गलियों में ऊंची-ऊंची इमारतों का निर्माण व उनमें व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है।

Published on:
11 Oct 2017 08:45 am
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