
शीलादेवी
अजमेर। बच्चा गोद दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। जहां बेटे की चाह में दिल्ली की महिला साइबर ठगों के जाल में फंस गई। आरोपियों ने महिला को भरोसा दिलाकर 90 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए और फिर उसको अजमेर बुलाकर संपर्क तोड़ लिया। पीड़िता ने मामले में रामगंज थाने में शिकायत दी है।
दिल्ली निवासी शीलादेवी ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर बच्चा गोद दिलाने से जुड़ी एक पोस्ट देखी थी। पोस्ट से प्रभावित होकर उन्होंने दिए गए मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया। आरोपियों ने खुद को भरोसेमंद बताते हुए महिला को अपने झांसे में ले लिया।
आरोपियों ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से बातचीत करते हुए महिला से 4 बार में करीब 90 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। हर बार उसे आश्वासन दिया गया कि प्रक्रिया पूरी होते ही उसे बच्चा गोद दे दिया जाएगा।
ठगों ने शीलादेवी को अजमेर बुलाया और भरोसा दिलवाया कि यहां पहुंचने पर उसको बच्चा सौंप दिया जाएगा। शीलादेवी अपने पति के साथ में अजमेर रेलवे स्टेशन पहुंची, जहां से टैम्पो चालक उन्हें रामगंज थाना क्षेत्र स्थित सुभाषनगर नारीशाला छोड़कर आया गया लेकिन वहां पहुंचने पर आरोपियों से सम्पर्क नहीं हो सका और उनके फोन बंद मिले।
पीड़िता शीलादेवी ने बताया कि आरोपी से संपर्क नहीं होने पर वह और उसका पति इधर-उधर भटकते रहे। पहले लोहागल शिशु गृह पहुंचे, फिर बाल कल्याण समिति कार्यालय गए। अंततः उन्हें रामगंज थाने भेजा गया, जहां उन्होंने शिकायत दी।
पुलिस जांच में सामने आया कि शीलादेवी के तीन बेटियां हैं और बेटे की चाह में उन्होंने यह कदम उठाया। इसी भावनात्मक कमजोरी का फायदा उठाकर ठगों ने उन्हें निशाना बनाया। महिला ने आसपास के लोगों व दुकानदारों की मदद से आरोपियों को ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर किए।
सूचना पर सुभाषनगर नारीशाला स्थित सीडब्ल्यूसी चेयरमैन अंजलि शर्मा, सदस्य अरविन्द मीणा व चाइल्ड हेल्प लाइन के समन्वयक प्रेमनारायण शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीडि़ता शीलादेवी से जानकारी ली। रामगंज थाना पुलिस ने शिकायत को जांच में रखा है।
सीडब्ल्यूसी चेयरमैन अंजलि शर्मा का कहना है कि किसी भी प्रकार के बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया केवल वैधानिक संस्था ‘कारा’ के माध्यम से करें। अनजान लोगों पर भरोसा न करें।
Updated on:
07 Apr 2026 01:21 pm
Published on:
07 Apr 2026 01:21 pm
