फैक्ट्रियों के केमिकलयुक्त पानी से हो रही सब्जियां, शहर के आस-पास के इलाकों में हो रही पैदावार
दिनेश कुमार शर्मा
अजमेर.
अगर, आप हरी पत्तेदार और ताजा सब्जियां यह सोच कर घर ला रहे हैं कि यह आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद साबित होंगी तो हो सकता है आप गलत हैं, क्योंकि शहर के समीपवर्ती क्षेत्र में नालों के गंदे पानी से सब्जियों की खेती की जा रही है।
इतना ही नहीं इन नालों में शहर की गंदगी के साथ फैक्ट्रियों का केमिकलयुक्त पानी भी बह रहा है। यह पानी सिंचाई के जरिए सब्जियों में पहुंचकर लोगों के खान-पान में शामिल हो रहा है और जाने-अनजाने में उन्हें कई गंभीर बीमारियों की जद में ला रहा है।
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इन इलाकों में हो ही खेती
शहर में आबादी क्षेत्र में सब्जियों की खेती हो रही है। इनमें पाल-बीसला, आदर्श नगर, गढी मालियान और खानपुरा आदि क्षेत्र शामिल हैं।
इन इलाकों में नालों में बहकर आ रही शहरभर की गंदगी के पानी को फसलों की सिंचाई में इस्तेमाल लिया जा रहा है।
हालात यह हैं कि जहां कई जगह नालों के बिल्कुल नजदीक खेती की जा रही है तो कई जगह नालों में इंजन लगाकर पाइप के जरिए पानी को आधा किलोमीटर दूर तक ले जाया जा रहा है।
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यह सब्जियों हो रही गंदे पानी से
शहर में इन दिनों पालक, मैथी, गाजर, मूली, गोभी, प्याज, टमाटर, बैंगन आदि सब्जियों की सिंचाई में नालों के पानी का इस्तेमाल हो रहा है। इस पानी से कीटाणु और हैवी मेटल्स सब्जियों के जरिए शरीर में जा रहा है।
गंदे पानी से तैयार हुई सब्जी से इंफेक्शन का डर रहता है। सलाद में कच्ची प्रयोग की जाने वाली सब्जियों को पानी में अच्छी तरह धोकर ही काम में लें।
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पकाकर खाने वाली सब्जियों को भी अच्छी तरह पका लें। इसके अलावा गंदे पानी में केमिकल भी होता है, जो शरीर को नुकसान पहुंचाता है।
डॉ. संजीव माहेश्वरी, वरिष्ठ फिजीशियन