
मनीष कुमार सिंह
अजमेर. शहर में तैनात महिला आइएएस अधिकारियों पर वकील राजेश टंडन की ओर से सोशल मीडिया में की गई चारित्रिक टिप्पणी ने ग्रुप एडमिन व उसके सदस्यों को पुलिस अनुसंधान के दायरे में ला दिया है। शनिवार को ग्रुप एडमिन को बुलाकर पूछताछ की गई।
प्रकरण की पड़ताल में जुटी वृत्ताधिकारी (अजमेर उत्तर) डॉ. प्रियंका ने तीन महिला आइएएस अधिकारियों के मजिस्ट्रेट के समक्ष 164 के बयान के बाद प्रकरण से जुड़े तथ्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। इसमें शहर के कई प्रतिष्ठित लोग भी पुलिस अनुसंधान का हिस्सा बनना पड़ेगा। पुलिस ने प्रकरण में बड़े ग्रुप में डाली गई पोस्ट को शहर के कुछ सोशल मीडिया ग्रुप से जुड़े लोगों के नाम मामले में बतौर गवाह शामिल किए हैं। उनके बयान दर्ज करने की कार्रवाई भी शनिवार को शुरू कर दी है। शनिवार को भी इलेक्ट्रोनिक मीडिया से जुड़े कुछ लोगों और नेताओं को बुलाकर बयान दर्ज किए गए।
अब तक दो ग्रुप हैं शामिल
पुलिस अनुसंधान में सोशल मीडिया के अब तक दो बड़े के ग्रुप एडमिन व सदस्यों को बुलाकर पूछताछ की जा रही है। उनसे ग्रुप में जुड़े होने और वकील टंडन की ओर से ग्रुप में 25 व 27 जनवरी को महिला आइएएस अधिकारी पर अश्लील टिप्पणी के पढऩे, देखने के संबंध में पूछताछ की जा रही है। इन दोनों ग्रुप में करीब 20 से ज्यादा ग्रुप एडमिन है। वहीं दो सौ से ज्यादा सदस्य है।
पार्षद ने दिए सबूत
इधर मामला सामने के बाद प्रकरण में मुखर हुए भाजपा पार्षद चन्द्रेश सांखला के बयान दर्ज किए गए। सांखला ने अनुसंधान अधिकारी को प्रकरण से जुड़े तथ्य व सोशल मीडिया पर वकील टंडन की अन्य पोस्ट भी उपलब्ध करवाई हैं।
विकास अधिकारियों ने भी की निंदा
आइएएस और आरएएस अधिकारियों के बाद जिले के विकास अधिकारियों ने भी शनिवार को बैठक कर टंडन के कृत्य की निंदा की है। उन्होंने जिला कलक्टर को पत्र लिखकर टंडन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पत्र में विजय सिंह, शिवदान सिंह, मधुसूदन रत्नू, सीमा गौड़, रामावतार यादव, कुशलेश्वर सिंह आदि ने हस्ताक्षर किए हैं।
टंडन के खिलाफ इन धाराओं में दर्ज किया मुकदमा
आईपीसी की धारा-खुलासा-सजा
292- अश्लील साहित्य का वितरण - 2 साल तक की कैद
293 -20 साल से उम्र के कम के व्यक्ति को अश्लील साहित्य देना सजा-3 साल का कारावास व जुर्माना
354 सी-किसी महिला के फोटो का गलत प्रयोग करना- 1 साल से 1 वर्ष तक कारावास500- मानहानि करना सजा-2 साल का कारावास
501-मानहानि कारक बात का मुद्रण या प्रकाशन- अधिकत्म दो साल का कारावास
509-किसी स्त्री की लज्जा का अनादर करने के आशय से किसी वस्तु का प्रदर्शन करना- सजा-अधिककम 3 साल
महिला अशिष्ट रूपेण अधिनियम
सेक्शन 3-कोई भी ऐसा प्रकाशन जिससे किसी महिला के बारे में गलत चित्रण होता हो
सेक्शन 4-किसी भी पोस्ट, किताब, पेम्फ्लेट, लेखनी अथवा किसी अन्य तरीके से महिला के बारे में गलत चित्रण करना
सेक्शन 5-यह धारा किसी राजपत्रित अधिकारी को यह अधिकार देती है कि वह यह जानकारी जुटाए कि कब इस तरह का अपराध हुआ, इस तरह की किसी किताब, लेखनी, पेम्फ्लेट इत्यादि को जब्त करना व उसका परीक्षण करने का अधिकार देती है।
भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 7 ए- किसी लोकसेवक पर दबाव बनाकर अनुचित लाभ लेना
आईटी एक्ट की धारा 67 -सोशल मीडिया के जरिए आपत्तिजनक सामग्री बांटना (परोसना)