अजमेर

बेटियों के लिए खास बनेगा ये खास गार्डन, मिलेगा खुलकर खिलखिलाने का मौका

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2 min read
Aug 22, 2018
special park for girls
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अजमेर.

आनासागर झील के किनारे विश्रामस्थली में राज्य सरकार की योजना के तहत बेटी गौरव उद्यान बनाया जाएगा। इसके लिए विश्रामस्थली पर झील के किनारे 18210 वर्गमीटर भूमि चिह्नित कर ली गई है। एडीए ने बेटी गौरव उद्यान के लिए डीपीआर तैयार करवाई थी।

लेकिन जिला कलक्टर ने इसे खारिज करते हुए बेटी गौरव उद्यान के लिए दुबारा जानकारी भेजने के निर्देश दिए है ताकि इसके लिए टेंडर आमंत्रित किए जा सकें। प्राधिकरण ने अब नए सिरे से इसकी डीपीआर तैयार की है। बेटी गौरव उद्यान के निर्माण पर 10 करोड़ रुपए खर्च किए जाएं। इसका निर्माण स्मार्ट सिटी के तहत होगा। बेटी गौरव उद्यान के बनने के बाद झील के किनारे पार्क विकसित हो जाएगा।

यह है उद्देश्य

बेटियों के जन्म को गौरव व उत्सव का प्रसंग बनाना, उन्हें उनके होने का अहसास कराना। शहर में हरित क्षेत्र (ग्रीन कवर) को विकसित करना। आमजन में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाना। खेलकूद व मनोरंजन के साधन उपलब्ध करवाना। पर्यटन को बढ़ावा देना। बेटियों को जीने का बढऩे का अवसर प्राप्त होगा व गौरव की अनुभूति होगी। सामाजिक लाभ, पर्यावरण को लाभ, पर्यटन एवं व्यवसाय को भी बढ़ावा मिलेगा।

यह होगा निर्माण

चिल्डन पार्क, सीनियर सिटीजन पार्क , योगा गार्डन,फ्लावर गार्डन ,ओपन जिम, बच्चों का प्ले एरिया, एक्यूप्रेशर ट्रैक, कैफेटरिया, कलर दीर्घा, ओपन थिएटर, खेल मैदान (कबड्डी, खो-खो, बैडमिंटन), पार्र्किंग, कॉमन यूटिलिटी, हरित क्षेत्र, लैंडस्केप पार्क, हर्बल पार्क, लॉन, साइकिल ट्रैक, जॉङ्क्षगग ट्रैक, पक्षियों को दाना डालने का स्थान, गेम जोन, वाटर पॉंन्ड विथ बाटिंग, लोटन मंगरी तथा म्यूजिकल फाउंटेन का निर्माण होगा।

तो हाथ-पैर तोड़ देंगी ये बेटियां

हमारी बेटियां अब खुद की सुरक्षा के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहेंगी। बेटियां अब घर की चारदीवारी से बाहर निकल कर उच्च शिक्षा के लिए अन्य शहरों में रहकर भी पढ़ाई कर रही हैं। शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाएं/ बेटियां खुद की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहती थी मगर अब वे खुद आत्मरक्षा के गुर सीख रही हैं।

पिछले चार-पांच वर्षों में आए बदलाव के पीछे स्कूली शिक्षा के दौरान ही बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सीखना तो रहा ही है वहीं बालिकाएं अब खुद की सुरक्षा के लिए ना तो माता-पिता को परेशान देखना चाहती हैं ना अपने भाई या विद्यालय प्रबंधन पर। खासकर लड़कियां स्कूल/ कॉलेज में पढ़ाई के लिए आने जाने के दौरान कथित मनचलों की फब्तियों एवं छेड़छाड़ आदि परेशानियों का सामना करती हैं।

Published on:
22 Aug 2018 11:10 am