
अजमेर
आषाढ़ की घटाओं ने रविवार को सावन सा एहसास कराया। लगातार तीसरे दिन बरसात ने शहर को जबरदस्त भिगोया। अजमेर में लगातार हो रही बारिश से मारवाड़ की खुशियां बढ़ गई। इससे उन्हें मानसून के दौरान पेयजल सहित तालाबों-कुओं और बांधों में पानी की आवक की उम्मीद बढ़ गई है।
अजमेर में बीते शुक्रवार से रविवार तक बरसात की झड़ी लगी हुई है। पिछले तीन दिन में अजमेर में 140 मिलीमीटर से ज्यादा बरसात हो चुकी है। उधर पानी की आवक के चलते आनासागर के दो चैनल गेट खोलने पड़े हैं। एस्केप चैनल के चलते लगातार पानी की निकासी जारी है। इससे मारवाड़ यानि पाली, जोधपुर, नागौर, जालौर, बाडमेर और अन्य जिलों की खुशियां बढ़ गई हैं।
यह है खुशी की वजह....
दरअसल अजमेर के नाग पहाड़-पुष्कर क्षेत्र से लूणी नदी निकलती है। इसमें बरसात का पानी सबसे पहले आनसागर झील में पहुंचता है। आनासागर झील के छलकने के साथ यह पानी तोपदड़ा, खानपुरा तालाब होते हुए पीसांगन तक पहुंचता है। यहां से लूणी नदी का पानी मारवाड़ जिले में प्रवेश कर जाता है। लूणी नदी का पानी नागौर, जोधपुर, पाली और अन्य जिलों तक पहुंचता है।
बढ़ता है कुओं का जलस्तर
लूणी नदी में पानी की आवक के साथ मारवाड़ जिले के कुओं का जलस्तर बढ़ता है। साथ ही कई तालाबों में पानी की आवक होती है। लिहाजा अजमेर में लगातार हो रही बरसात ने मारवाड़ के लोगों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। मानसून के दौरान तीन महीने तक लगातार बारिश हुई तो मारवाड़ को भी लूणी नदी के माध्यम से पर्याप्त पानी मिल सकेगा।
मौसम हुआ खुशनुमा
मौसम अरावली की पहाडिय़ों पर काले बादल तैरते रहे। बरसात के कारण मौसम में हल्की ठंडक भी रही। लोगों को कई दिनों बाद उमस और गर्मी से राहत मिली। रविवार छुट्टी होने से कई लोग फायसागर, पुष्कर, आनासार चौपाटी, महाराणा प्रताप स्मारक, बैजनाथ और अन्य पिकनिक स्थलों पर लोगों की भीड़ रही।