
अजमेर
आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा भर्ती परीक्षा-2016 में उत्तीर्ण रहे अभ्यर्थियों का नौकरी का इंतजार खत्म हो गया है। लम्बे ऊहापोह, न्यायिक प्रक्रिया और उलझनों के बाद 92 अभ्यर्थियों को नौकरी की सौगात मिली है। इससे राजस्थान को नए आरएएस अधिकारी मिल सकेंगे।
आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा भर्ती-2016 की प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा कराने के बाद राजस्थान लोक सेवा आयोग ने बीते साल अक्टूबर में परिणाम घोषित किया था। इसके तहत करीब 725 पदों पर भर्ती होनी है। पहले आयोग स्तर पर कार्मिक विभाग को सूची भेजने में देरी हुई। बाद में आरएएस मुख्य परीक्षा 2016 में राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा प्रतिवादियों की उपस्थिति संबंधित प्रमाण पत्र मांगने के कारण मामला अटका रहा। यद्यपि कार्मिक विभाग के स्तर पर मेडिकल और अन्य औपचारिकताएं पूरी हो गई। फिर भी अभ्यर्थियों को नियुक्तियां नहीं मिली पाई। अभ्यर्थियों ने अजमेर के अलावा जयपुर में कई बार धरने-प्रदर्शन भी किए।
20 महीने करना पड़ा इंतजार
उच्च न्यायालय में प्री. परीक्षा स्तर पर 15 गुणा से अधिक सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा से बाहर रखने के मामले को लेकर याचिका लगाई गई थी। आयोग ने फुल कमीशन के आदेशानुसार सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की। इसके चलते आरएएस-2016 के अभ्यर्थियों की नियुक्ति का इंतजार बढ़ता-बढ़ता 20 महीने तक पहुंच गया।
कार्मिक विभाग ने जारी किए आदेश
कार्मिक विभाग के संयुक्त शासन सचिव आशीष मोदी ने 92अभ्यर्थियों के दो साल की परिवीक्षाकालीन अवधि के लिए नियुक्ति आदेश जारी किए हैं। इससे पहले इन्हें हरीशचंद्र माथुर लोक प्रशासन संस्थान से फाउंडेशन कोर्स करना होगा। इसमें साफ कहा गया है कि नियुक्तियां अदालत में दायर विभिन्न रिट याचिका, विशेष अनुमति याचिकाओं (सील्ड कवर रखने के आदेश) एवं सभी वादकरण के फैसलों के अध्यधीन रहेंगी।