अजमेर

आज भी याद हैं अजमेर शहर की तंग गलियां

डीजीपी सिंह ने किया कफ्र्यूग्रस्त क्षेत्र का दौरा, पुलिसकर्मियों के जाने हाल, थपथपाई जवानों की पीठ
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Apr 01, 2020
आज भी याद हैं अजमेर शहर की तंग गलियां
आज भी याद हैं अजमेर शहर की तंग गलियां

मनीष कुमार सिंह

अजमेर. प्रदेश पुलिस के मुखिया मंगलवार को कफ्र्यूग्रस्त क्षेत्र का जायजा लेने पहुंचे। यहां से गुजरने के दौरान बरबस उनको स्कूल के दिनों की याद ताजा हो गई। उनकी आंखों के सामने शहर की सड़कें, सिनेमा हॉल और खारीकुई क्षेत्र की तंग गलियों की तस्वीरें और हालात ताजा हो गए।
अजमेर से नाता रखने वाले पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्रसिंह का बचपन अजमेर की इन्हीं गलियों और सड़कों पर निकलते गुजरा है। उन्होंने क्षेत्र के एक निजी स्कूल में शिक्षा हासिल की है। मंगलवार दोपहर डीजीपी सिंह जब पुलिस महानिरीक्षक (अजमेर रेंज) हवासिंह घुमरिया, पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप के साथ कफ्र्यूग्रस्त क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे। उनके पैर बरबस न्यू मैजिस्टक सिनेमा हॉल (अब मॉल में तब्दील) के सामने ठहर गए। उन्होंने सिनेमा हॉल की जगह मॉल बनने की बात कही। वहीं खारीकुई व डिग्गी क्षेत्र की तंग गलियों के वर्षों पुराने हालात के बारे में पुलिस अधिकारियों के चर्चा की।

डीजीपी सिंह पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आईजी घुमरिया व एसपी से कानून व्यवस्था, कफ्र्यूग्रस्त इलाके की जानकारी लेने के बाद दौरा किया। वे सावित्री चौराहा, बजरंगगढ़, फव्वारा सर्किल, देहलीगेट होते हुए दरगाह निजामगेट पर पहुंचे। यहां निजामगेट पर पुलिसकर्मियों से बातचीत की। खादिम समुदाय के लोगों से बातचीत के बाद नला बाजार, मदारगेट, पड़ाव होते हुए सिनेमा रोड न्यू मैजेस्टिक मॉल के सामने पहुंचे।

फिटनेस के हुए कायल

डीजीपी सिंह ने मदारगेट पर तैनात हैडकांस्टेबल लालचंद से बातचीत में कहा कि तुम तो मेरे जैसे ही हो। कोई दिक्कत तो नहीं। उन्होंने कफ्र्यू के दौरान आमजन से व्यवहार की चर्चा करते हुए कहा कि लोगों को कैसे रोकते हो। जवाब मिला कि सर लोग खुद-ब-खुद बाहर नहीं निकलते। रोकने पर लौट जाते हैं। इससे पहले नला बाजार में हाड़ीरानी बटालियन की महिला कांस्टेबल सुनीता कुमारी व सुनीता यादव से कफ्र्यू में किसी तरह की परेशानी के संबंध में पूछा।

संभव हो तो डंडे का इस्तेमाल नहीं

सिनेमा रोड पर डीजीपी ने 2018 में भर्ती हुए सिपाही रामेश्वरलाल से बातचीत की। उन्होंने उसकी शिक्षा, मूल निवास के संबंध में पूछताछ करते हुए कफ्र्यू के दौरान डंडे के इस्तेमाल के बारे में पूछा। सिपाही के इन्कार के बाद डीजीपी ने भी नसीहत दी कि कोशिश करो कि इसका इस्तेमाल ना करना पड़े।

Published on:
01 Apr 2020 06:00 am