अजमेर

‘स्त्री: देह से आगे’:नारी में परिवार और समाज गढ़ने की शक्ति, वही विश्व निर्माता: कोठारी

नारी केवल एक देह नहीं, बल्कि वह शक्ति है जो पूरे विश्व का निर्माण करती है। नारी में परिवार और समाज गढ़ने की ताकत है। पुरुष और स्त्री के भीतर एक ही ईश्वर और एक ही आत्मा का वास है, उनमें कोई भेद नहीं है। यह विचार पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी ने बुधवार को अजमेर में जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के डॉ. आंबेडकर सभागार में व्यक्त किए।

2 min read
Jan 21, 2026
अजमेर में आयोजित 'स्त्री: देह से आगे' संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते डॉ. गुलाब कोठारी

अजमेर। नारी केवल एक देह नहीं, बल्कि वह शक्ति है जो पूरे विश्व का निर्माण करती है। नारी में परिवार और समाज गढ़ने की ताकत है। पुरुष और स्त्री के भीतर एक ही ईश्वर और एक ही आत्मा का वास है, उनमें कोई भेद नहीं है। आज जरूरत केवल इस बात की है कि नारी अपनी उस शक्ति को पहचाने। यह विचार पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी ने बुधवार को अजमेर में जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के डॉ. आंबेडकर सभागार में व्यक्त किए।

वे अपनी चर्चित पुस्तक ‘स्त्री: देह से आगे’ पर विषय विवेचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन पत्रिका समूह के संस्थापक श्रद्धेय कर्पूरचन्द्र कुलिश की शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की शृंखला में किया गया। उन्होंने कहा कि नारी का जीवन को चलाने में बहुत अहम योगदान है।

पुरुष में 51 प्रतिशत पुरुष और 49 प्रतिशत महिला के गुण होते हैं। इसी तरह स्त्री में 51 प्रतिशत स्त्री और 49 प्रतिशत पुरुष तत्व होते हैं। दोनों लगभग बराबर हैं, कोई फर्क नहीं है। आज की आधुनिक शिक्षा ने हमें परिवार समाज और राष्ट्र से पृथक किया है। नारी ही मां, पत्नी और बहन के रूप में परिवार और समाज को पल्लवित और पोषित करती है। आज की शिक्षा में कहीं न कहीं चूक है। नारी को केवल देह के रूप में प्रकट किया जा रहा है।

प्राचीन मूल्यों वाले हिंदुस्तान को तलाशें

कोठारी ने कहा कि आज तकनीकी विकास है, लेकिन हमारी मान्यताएं और परंपराएं भी तेजी से बदल रही हैं। हमें प्राचीन मूल्यों वाले हिंदुस्तान को तलाशने की जरूरत है। यह शब्द भविष्य में रहेगा या नहीं इसको भी कहीं न कहीं समझने और चिंता करने की जरूरत है। हम ऐसे दौर में जी रहे हैं, जहां मूल्य पीछे छूट रहे हैं।

मन की परतों से निकले सवाल

सभागार में केवल संबोधन ही नहीं हुआ, बल्कि विचारों का एक जीवंत सेतु बना। इसमें अजमेर और ब्यावर जिले से उमड़ी नारी शक्ति ने सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम में प्राण फूंक दिए। गुलाब कोठारी के प्रेरक संबोधन के बाद महिलाओं ने मन की परतों में दबे सवालों को सामने रखा। किसी ने टूटते परिवारों पर चिंता जताई, तो किसी ने आधुनिकता की दौड़ में दम तोड़ते संस्कारों पर सवाल किए।

समाज और जीवन की कला से जुड़ी इन गहरी जिज्ञासाओं पर जब कोठारी ने अपने अनुभव और दर्शन से उत्तर दिए, तो सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। यह महज एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संस्कारों के पुनर्जागरण की एक वैचारिक गोष्ठी बन गई। कार्यक्रम में अजमेर दक्षिण विधायक अनिता भदेल और जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. अनिल सामरिया ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

Published on:
21 Jan 2026 08:49 pm
Also Read
View All

अगली खबर