अजमेर

सिर्फ 18 टीचर्स चलाते हैं ये यूनिवर्सिटी, इससे तो कॉलेज ज्यादा अच्छे…

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Mar 09, 2019
Only the responsible ones played the big game
Only the responsible ones played the big game

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में भर्तियों की गाड़ी आगे नहीं बढ़ रही। एक तरफ 20 पदों पर शिक्षकों की भर्ती होनी है। वहीं गैर शैक्षिकों पदों की भर्तियां भी अटकी हुई हैं। बीते डेढ़ साल से कुलपति पद की ढुलमुल स्थिति से विश्वविद्यालय कोई फैसला नहीं कर पाया है।

विश्वविद्यालयय ने वर्ष 2016 में विभागवार 22 शिक्षकों की भर्ती के लिए आवेदन मांगे थे। इनमें विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, कला और अन्य संकाय के विषय शामिल हैं। जूलॉजी और बॉटनी विभाग में प्रोफेसर की नियुक्ति हो चुकी है। जबकि विषयवार/विभागवार 20 शिक्षकों की भर्ती और होनी है। दूसरी तरफ शोध निदेशक, परीक्षा नियंत्रक, कुलसचिव और अन्य पदों की भर्तियां भी अटकी हुई हैं। इनके भी आवेदन लिए जा चुके हैं।

कुलपति पद पर संकट

पिछले डेढ़ साल से विश्वविद्यालय में ‘कुलपति ’ पद पर संकट मंडराया हुआ है। यहां 19 जुलाई 2017 से 19 अप्रेल 2018 तक प्रो. भगीरथ सिंह कार्यवाहक कुलपति रहे। उनके बाद प्रो. विजय श्रीमाली स्थाई कुलपति बने। उन्होंने गैर शैक्षिक पदों पर भर्तियों की प्रक्रिया की शुरुआत की, लेकिन बीते साल जुलाई में उनका देहान्त हो गया। इसके बाद डेढ़ महीने के लिए प्रो. कैलाश सोडाणी कुलपति बने, लेकिन कार्यवाहक होने के कारण उन्होंने इसे तवज्जो नहीं दी। मौजूदा कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह के कामकाज पर 11 अक्टूबर से राजस्थान हाईकोर्ट की रोक लगी हुई है।

इन विभागों में होनी है भर्ती (विवि के अनुसार)
प्रोफेसर-इकोनॉमिक्स, प्योर एन्ड एप्लाइड केमिस्ट्री

रीडर-बॉटनी (2), इकोनॉमिक्स (1), भूगोल (1), इतिहास (2), गणित (1), राजनीति विज्ञान (2), प्योर एन्ड एप्लाइड केमिस्ट्री (1), समाजशास्त्र (1), जूलॉजी (2)
लेक्चरर-कम्प्यूटर एप्लीकेशन (1), भूगोल (1), प्योर एन्ड एप्लाइड केमिस्ट्री (1), समाजशास्त्र (1), जूलॉजी (1)

कहीं एक तो कहीं शिक्षक ही नहीं

विश्वविद्यालय के इतिहास, राजनीति विज्ञान, रिमोट सेंसिंग में एक भी स्थाई शिक्षक नहीं है। कॉमर्स, कम्प्यूटर विज्ञान, प्योर एन्ड एप्लाइड केमिस्ट्री, अर्थशास्त्र, जनसंख्या अध्ययन विभाग में महज एक-एक शिक्षक है। लॉ, हिन्दी और पत्रकारिता विभाग में शिक्षकों के पद सृजित नहीं हुए हैं। इन विषयों को अस्थाई शिक्षक चला रहे हैं।

Published on:
09 Mar 2019 07:14 am