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कंस्ट्रक्शन कम्पनी को थमाया नोटिस, अब कमेटी करेगी इस मामले की जांच

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अजमेर.

ब्यावर रोड तबीजी स्थित अजमेर विकास प्राधिकरण की अफोर्डेबल हाउसिंग योजना में प्राधिकरण द्वारा आवंटित आवासों के लीज डीड व कब्जा दिए जाने के लिए प्राधिकरण अब हरकत में आया गया है। इसके साथ ही आवासों का का निर्माण कर रही कम्पनी के खिलाफ भी नोटिस जारी कर कार्रवाई शुरू की गई है। प्राधिकरण आयुक्त निशांत जैन ने योजना के तहत अब तक आवंटित आवासों के लीज डीड व कब्जा दिए जाने के लिए सहायक प्रशासनिक अधिकारी सहित चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।

कमेटी को सभी कार्रवाई 10 दिन में पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन आवंटियों ने लीज राशि जमा नहीं करवाई है उन्हें डिफाल्टर मानते हुए उन्हें राशि लौटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि इस योजना में जिन आवंटियों ने बकाया राशि जमा करवा दी है वे आवंटित आवास का कब्जा दिए जाने के लिए 8 साल से प्राधिकरण के चक्कर लगा रहे हंै लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। एडीए को प्रतिदिन बड़ी संख्या में निर्माण कार्य को लेकर भी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।

2011 में दिया ठेका, 2014 में पूरा होना था निर्माण
अफोर्डेबल हाउसिंग योजना के तहत आवास निर्माण कार्य में देरी के लिए निर्माण करने वाली कम्पनी गोल्डन इंफ्रास्ट्रक्चर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही निर्माण कार्य 31 मार्च 2019 तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। एडीए ने अब कम्पनी पर निर्माण कार्य के लिए देरी पर पेनल्टी लगाए जाने सहित अन्य कार्रवाई किए जाने के चेतावनी भी दी हैं। एडीए (पूर्व में यूआईटी) ने निर्माण कम्पनी को 15 सितम्बर 2011 को ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 240, एलआईटी के 192 तथा एमआई श्रेणी के104 सहित कुल 536 आवास का निर्माण करने के लिए 2024 लाख रुपए का ठेका दिया गया था। ठेका शर्तों के अनुसार निर्माण कार्य 19 सितम्बर 2014 को पूरा होना था लेकिन अभी भी निर्माण कार्य शेष है। निर्माण कार्य में देरी पर प्रतिदिन 2500 रुपए की पेनाल्टी का प्रावधान किया गया था।

भुगतान के बाद भी निर्माण में देरी
निर्माण कम्पनी को आवास निर्माण के पेटे 85 प्रतिशत भुगतान निर्माण की चतुर्थ श्रेणी पूरी होने तथा शेष 15 प्रतिशत का भुगतान आवास निर्माण नियमानुसार पूरा होने तथा एडीए को हैंडओवर किए जाने के बाद होना था। अब तक एडीए निर्माण कम्पनी को 2024 लाख रुपए में से 1763.92 लाख रुपए का भुगतान कर चुका है यह कुल भुगतान का 87.15 प्रतिशत है। एडीए ने अब निर्माण कम्पनी को निर्देश दिए हैं कि वह तय सीमा से अधिक किए गए 43.15 लाख रुपए के भुगतान को तीन दिन में वापस एडीए को जमा करवाया जाए।