अजमेर

 उद्यमी और उत्पादक असमंजस में, ऑर्डर व आपूर्ति पर आने लगा असर

व्यापारी वेट एंड वाच की िस्थति में बयानों के झूले में झूलता बाज़ार अजमेर.ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के साथ ही बाज़ारों में स्थिरता को छोड़ असमंजस की स्थिति बनी हुई है। निरंतर परिवर्तनों से व्यापार वॉल्यूम्स पर बहुत ही नकारात्मक असर डाला है। 90 दिन का स्थगन इन सबने बाज़ार में व्यापारियों को असमंजस की स्थिति […]

2 min read
Apr 12, 2025
terrif news

व्यापारी वेट एंड वाच की िस्थति में बयानों के झूले में झूलता बाज़ार

अजमेर.ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के साथ ही बाज़ारों में स्थिरता को छोड़ असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

निरंतर परिवर्तनों से व्यापार वॉल्यूम्स पर बहुत ही नकारात्मक असर डाला है। 90 दिन का स्थगन इन सबने बाज़ार में व्यापारियों को असमंजस की स्थिति में डाल दिया है। इससे व्यापारी उत्पादन व बेचान दोनों पर ही रोेक लगा कर वेट एंड वाच की िस्थति में है। उद्यमियों ने इस मुद्दे पर हुई चर्चा में बेबाकी से अपनी बात रखी।

जो माल चीन अमेरिका को निर्यात करता था उनके दाम गिरेंगे और भारतीय बाजरों में सस्ते में उपलब्ध होंगे। लेकिन अब अमेरिका को निर्यात करने की बेहतर पोजीशन में होंगे और अंततोगत्वा इनके भाव पुनः बढेंगे। भारती स्टील, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ों का निर्यात भविष्य में बढ़ सकता है लेकिन आज उद्यमी बहुत लंबी अवधि के सौदे करने से बच रहा है।

- कुणाल जैन, अध्यक्ष लघु उद्योग भारती अजमेर

कच्चे माल की रेटों में उठा पटक मची हुई है। एक बयान के साथ लोहे की रेट बढ़ जाती है और अगले बयान के साथ पुनः गिर जाती है। ऐसे में माल बनाना और बेचना दोनों चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।

- राजेश बंसल, अध्यक्ष लघु उद्योग भारती पालरा इकाई

सरकार की मंशा और सरकार के विभागों के मध्य तालमेल का नितांत अभाव है। देश के उद्यमियों को अब अगर इस टैरिफ वार के युग में देश की अर्थव्यवस्था को सहयोग देना है तो सरकार को ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस पर गंभीर होना होगा नहीं तो छोटे देशों के व्यापारी पिट जाएंगे।

- दिलीप पारवानी,

उद्यमीवार कोई अल्पकालिक घटना नहीं है। ये एक लंबे समय चलने वाला युद्ध है। इसमें सरकार को व्यापारी समुदाय को संरक्षित करते हुए नीतियाँ बनानी होंगी जिससे व्यापार उद्योग टैरिफ़ वार के कम प्रभावित हो।

- अभिषेक जैन उद्यमी

टैरिफ़ वार के कारण लाभान्वित होने वाले सेक्टर के लिए उद्यमियों को तुरंत मौक़े का लाभ लेना चाहिए। ये भारत के लिए अच्छा अवसर है। चीन के साथ जो प्रतिस्पर्धा भारतीय उद्यमी नहीं कर पा रहे थे, अब अमरीकी बाज़ार उनके लिए बेहतर रूप से खुलेंगे। वैश्विक बाज़ार उथल पुथल से भरा रहेगा।

- सुरेंद्र बंसल, उद्यमी

Published on:
12 Apr 2025 10:21 pm
Also Read
View All

अगली खबर