प्रारंभिक पड़ताल में करीब 14 साल पहले अजमेर आना पता चला, धार्मिक स्थल में ठहरा, दिल्ली में पकड़े गए आतंकी से हुई पुलिस पूछताछ में खुलासा
अजमेर.
दिल्ली में पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद अशरफ उर्फ अली ने अजमेर को भी ठिकाना बनाया था। वह पत्नी के साथ दरगाह इलाके में एक धार्मिक स्थल में डेढ़ साल तक ठहरा। अजमेर में आरोपी झाड़-फूंक की आड़ में रैकी करता रहा। अशरफ के अजमेर में ठहरे जाने की सूचना से मंगलवार को जिला पुलिस और खुफिया एजेंसियों में हड़कम्प मच गया।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की पड़ताल में पाक आतंकी मोहम्मद अशरफ उर्फ अली ने करीब 14 साल पहले अजमेर भी आना कबूला है। वह दो साल तक सपत्नीक अजमेर में रहकर झाड़-फूंक करते रहने के बाद वापस बिहार लौट गया। सूत्रों के मुताबिक उसने देहलीगेट इलाके में धर्मगुरू के जरिए वृद्धा के साथ में धार्मिक स्थल को ठिकाना बना रखा था।
हरकत में आई जांच एजेंसियां
प्रारंभिक सूचना के बाद जिला पुलिस, इंटेलीजेंस ब्यूरो व सीआईडी के अधिकारियों में हलचल तेज हो गई। खुफिया एजेंसियों ने अपने स्तर पर भी पड़ताल शुरू कर दी है। फिलहाल दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की ओर से जिला पुलिस को कोई अधिकारिक सूचना नहीं मिली है।
यह है बिहार कनेक्शन
जानकारी के अनुसार अजमेर के देहली गेट क्षेत्र में स्थित मस्जिद में मौजूद मौलाना व वृद्धा के बिहार से होने की सूचना है। पुलिस और खुफिया एजेंसी इसकी पड़ताल में जुटी है। गौरतलब है कि मोहम्मद अशरफ की पत्नी भी बिहार से ताल्लुक रखती है। पुलिस पड़ताल में आए तथ्यों को खंगालने में जुटी है।
सिलिगुड़ी के रास्ते हुआ दाखिल
प्रारंभिक पड़ताल में मोहम्मद अशरफ का भारत में सिलिगुड़ी के रास्ते आया। वह सीधे अजमेर पहुंचा। यहां मौलाना के सम्पर्क में आने के बाद यहां झाडफूंक करता था। इसके बाद आरोपी मौलाना के साथ दिल्ली चला गया। उसने फर्जी दस्तावेजों से अपना पासपोर्ट बनवा लिया बल्कि बिहार की युवती से निकाह भी कर लिया।
अजमेर पर रहा है आतंकी साया
अजमेर में पिछले दो दशक से आतंकी साया रहा है। पाकिस्तानी आतंकी संगठन के आतंकी पूर्व में भी यहां रैकी कर जा चुके हैं। आतंकी डेविड कॉलमैन हेडली चार मर्तबा अजमेर आकर जा चुका है।
2003- डेविड कॉलमैन हेडली ने पुष्कर स्थित यहूदी धर्मस्थल बेथखबाद की रैकी की
2006-गेगल थाना पुलिस ने हथियारों का जखीरा लेकर जा रहे आतंकी मोहम्मद शब्बीर को पकड़ा
2007-दरगाह में बम ब्लास्ट
2010-कर्नाटक एटीएस ने आतंकी युसुफ उर्फ उमर को किया गिरफ्तार। युसुफ ने दरगाह व पुष्कर की रैकी की।
2016-आईएसआईएस के टेरर मॉड्यूलर हैदराबाद के मोहम्मद इब्राहिम राजदानी, हबीब मोहम्मद इलियासी दरगाह के धानमंडी इलाके में 4 दिन होटल में ठहरे। रैकी कर फिर इन्दौर के रास्ते लौटने के दौरान एनआईए की गिरफ्त में आए।
इनका कहना है...
खुफिया पुलिस को दिल्ली में पकड़े गए आतंकी के अजमेर में 14-15 साल पहले करीब डेढ़ साल ठहरने की सूचना है। वह कहां और कब, किसकी मदद से ठहरा, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।-एस.सेंगाथिर, आईजी अजमेर