Ajmer News : सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के खादिम और खादिमों की संस्था अंजुमन के पूर्व सचिव सैयद सरवर चिश्ती के भड़काऊ बयान वाला एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उनके इस वीडियो को पाकिस्तान के कुछ लोगों की ओर से भी वायरल किया गया है।
अजमेर. दरगाह (ajmer dargah) के खादिम (khadim) सैयद सरवर चिश्ती ने 12 मिनट के वीडियो में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, आरएसएस, बजरंगदल और विश्व हिन्दू परिषद पर टिप्पणी करते हुए मुसलमानों से जागने की अपील की है। उन्होंने तीन तलाक (trippal talaq) , कुर्बानी, त्रिशूल वितरण आदि मुद्दों के साथ साध्वी प्रज्ञा (sadhvi prgya) , नाथूराम गोडसे आदि का जिक्र करते हुए कहा है कि हिन्दुस्तान में मुसलमानों पर अत्याचार हो रहा है। सरवर ने कहा कि यह कैसा हिन्दुस्तान बना दिया, यह मुसलमानों के लिए कैसी यौमे आजादी आई है।
सरवर ने सबसे पहले पहलू खां मॉब लिंचिंग मामले में सभी छह आरोपियों को बरी किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा है कि पहलू को उन लोगों ने नहीं मारा तो क्या भूत-प्रेतों ने मारा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान पुलिस की लचर कार्रवाई के कारण ऐसा हुआ है। इसके बाद सरवर कई मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री, आरएसएस, बजरंग दल, विहिप और भाजपा नेताओं पर भड़कते हुए मुसलमानों से जागो-जागो की अपील कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने नारा दिया सबका साथ-सबका विकास लेकिन मुसलमानों का कोई विकास नहीं हुआ। सरवर ने कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने को लेकर कहा कि कश्मीर हमारे देश का भाग है लेकिन कश्मीरी भी भारत के ही नागरिक हैं, फिर भी आज वहां के बच्चे दूध के लिए तरस रहे हैं। सरवर ने यह भी आरोप लगाया कि वे अंजुमन सचिव रहते हुए पालरा में स्कूल खोलना चाहते थे लेकिन आरएसएस, बजरंग दल और विहिप के लोगों ने मंदिर की जमीन बताते हुए स्कूल नहीं खोलने दिया।
वीडियो को लेकर खादिम सैयद सरवर चिश्ती से सवाल किया तो उन्होंने कहा कि यह मेरी ओर से ही जारी किया वीडियो है और इसमें मैंने कुछ भी गलत नहीं कहा। उन्होंने कहा कि मुसलमानों से जागने की अपील करने का मतलब है कि वे पढ़ाई-लिखाई करें और सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्र में आगे आएं।