Good News For Youth: अजमेर में पर्यटन और फूड इंडस्ट्री के बढ़ते दायरे ने युवाओं के लिए रोजगार और स्टार्टअप के नए रास्ते खोल दिए हैं। करोड़ों सैलानियों की आमद से होटल, ट्रैवल, एविएशन और फूड सेक्टर में हजारों नौकरियां सृजित हो रही हैं। सही प्रोफेशनल कोर्स चुनकर युवा इस उभरते सेक्टर में सुनहरा भविष्य बना सकते हैं।
Travel Boom In Ajmer-Pushkar: देश में पिछले चार-पांच साल में सैर-सपाटा बढऩे के साथ पर्यटन और फूड इंडस्ट्री में उछाल आया है। दोनों क्षेत्रों में युवाओं के लिए नौकरी और स्टार्ट अप खुल रहे हैं। युवाओं ने इनमें 55% से ज्यादा निवेश किया है।
2020-21 में कोरोना संक्रमण से पहले पर्यटन का राज्यवार सालाना औसत आंकड़ा 90 लाख से 1.25 करोड़ तक रहता था। चार-पांच साल में बेहतर रोड, एविएशन और ट्रेन कनेक्टिविटी के चलते यह आंकड़ा बढ़कर 1.80 से 2.25 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है। पर्यटन और फूड इंडस्ट्री में लगातार नए अवसर बढ़ रहे हैं।
टूरिज्म एंड हॉस्पिटिलिटी मैनेजमेंट, होटल मैनेजमेंट, फूड एंड न्यूट्रिशियन,एमबीए टूरिज्म, बी.कॉम रिटेल मैनेजमेंट, ट्रेवल पैकेज डिजाइनिंग, ट्रेवल गाइडिंग, एविएशन ऑपरेशंस, कार्गों हैंडलिंग, टिकट बुकिंग सिस्टम, एविएशन फ्लाइट ऑपरेशन, कम्यूनिकेशन स्किल, इंटरनेशनल कल्चर।
बीते चार-पांच साल में फूड इंडस्ट्री में सर्वाधिक 55 प्रतिशत से ज्यादा निवेश हुआ है। इनमें ऑन व्हील्स वेंडर्स, स्टार्ट अप ढाबा-फूड प्लाजा, रेस्टोरेंट, टी पॉइंट-कैफे शामिल हैं। युवाओं के लिए नौकरियों और स्टार्ट अप के नए अवसर बढ़ रहे हैं। अजमेर शहर और जिले में औसतन 100 में से 40 दुकान फूड इंडस्ट्री, रेस्टोरेंट से जुड़ी हैं। इनमें पारंपरिक खान-पान, मिठाई, और फास्ट फूड शामिल है।
तीर्थराज पुष्कर में प्रतिवर्ष 70 से 75 लाख पर्यटक, अजमेर में ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह, नारेली, सोनीजी की नसियां और अन्य स्थानों पर 48 से 50 लाख पर्यटक आ रहे हैं। इसी तरह टॉडगढ़-रावली, भीलवाड़ा में मैनाल, मेड़ता-खींवसर, किशनगढ़-सुरसुरा सहित अन्य पर्यटक स्थलों पर भी प्रतिवर्ष 25 से 35 लाख पर्यटक पहुंच रहे हैं। छोटे रूफ टॉप लग्जरी होटल, टेंट सिटी और अन्य होटल में 35 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
पर्यटन और एविएशन क्षेत्र में नौकरियों और स्टार्ट अप के विकल्प बढ़ रहे हैं। पिछले चार-पांच साल में दोनों क्षेत्रों में 35 प्रतिशत तक रोजगार बढ़ा है। युवाओं को भविष्य में भी फायदा मिल सकता है।
- प्रो. शिव प्रसाद, कॉमर्स-मैनेजमेंट विभागाध्यक्ष, मदस विवि.