अजमेर

अब लड़कियों को सरकारी नौकरी या टॉल-हैंडसम नहीं, शादी के लिए ऐसे लड़के आ रहे पसंद

CIBIL Score and Marriage : जन्मकुंडली और मेडिकल चेकअप के बाद शादी करने की कड़ी में सिबिल स्कोर शामिल हो गया है।

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Apr 02, 2025

रक्तिम तिवारी
अजमेर। जन्मकुंडली और मेडिकल चेकअप के बाद शादी करने की कड़ी में सिबिल स्कोर शामिल हो गया है। भारतीय युवतियों में विवाह से पहले होने वाले साथी का सिबिल स्कोर जांचना तेजी से बढ़ रहा है। ट्रांसयूनियन सिबिल रिपोर्ट 2024 बताती है कि वित्तीय साक्षरता में वृद्धि के चलते महिलाओं में क्रेडिट स्कोर को लेकर जागरूकता बढ़ी है।

2023 में महिलाओं द्वारा क्रेडिट स्कोर चेक करने की दर 38% तक बढ़ गई है, जो 2018 में मात्र 17% थी। बीएसई-सीएमआईई उपभोक्ता पिरामिड सर्वे 2024 के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में 76% महिलाएं विवाह से पहले जीवनसाथी की वित्तीय स्थिति पर विचार करती है। इनमें से 42% युवतियां शादी से पहले साथी का क्रेडिट स्कोर जांचने के लिए उत्सुक रहती है।

क्या होता है सिबिल स्कोर

सिबिल स्कोर किसी व्यक्ति की क्रेडिट हिस्ट्री का मूल्यांकन करता है, जो 300 से 900 के बीच होता है। उच्च सिबिल स्कोर (750) व्यक्ति की वित्तीय स्थिरता और समय पर ऋण चुकाने की क्षमता को दर्शाता है। लोग ज्यादा कर्ज अथवा कम सिबिल स्कोर पर रिश्ते से दूरी बना रहे हैं।

वित्तीय पारदर्शिता की आवश्यकता

विशेषज्ञों का मानना है कि विवाह जैसे महत्वपूर्ण निर्णय में वित्तीय पारदर्शिता आवश्यक है। सिबिल स्कोर की जांच से न केवल वर्तमान ऋण और देनदारियों की जानकारी मिलती है, बल्कि इससे यह भी पता चलता है कि व्यक्ति अपने वित्तीय दायित्वों को कितनी गंभीरता से लेता है।

जीवनसाथी की वित्तीय स्थिति देख रहीं

76% महिलाएं विवाह पूर्व जीवनसाथी की वित्तीय स्थिति देख रहीं
45% युवतिया पहले साथी का क्रेडिट स्कोर जांचने को उत्सुक

केस 1

महाराष्ट्र के मुर्तिजापुर में पिछले दिनों एक दुल्हन ने शादी से इंकार कर दिया। दूल्हे का कमजोर सिबिल स्कोर और कर्ज ज्यादा होने के कारण यह फैसला लिया।

केस 2

कर्नाटक के मैसूरू में भी शादी से पहले युवती ने युवक का सिबिल स्कोर चेक किया। कम सिबिल स्कोर के कारण परिजन ने रिश्ता करने से मना कर दिया

युवक भी ले रहे एजुकेशन लोन का ब्योरा

युवतियां द्वारा युवकों का सिबिल स्कोर चेक करने के साथ ही युवक भी शादी से पहले लड़की पर एजुकेशन लोन जांच रहे हैं ताकि शादी के बाद लोन उन्हें न चुकाना पड़े। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए मुश्किल हो सकती है।

वित्तीय पारदर्शिता की आवश्यकता

विशेषज्ञों का मानना है कि विवाह जैसे महत्वपूर्ण निर्णय में वित्तीय पारदर्शिता आवश्यक है। सिबिल स्कोर की जांच से न केवल वर्तमान ऋण और देनदारियों की जानकारी मिलती है, बल्कि इससे यह भी पता चलता है कि व्यक्ति अपने वित्तीय दायित्वों को कितनी गंभीरता से लेता है।

यह भी उठ रहे सवाल

■ सामाजिक ढांचे पर क्या आर्थिक दबाव बढ़ने लगा।
■ युवकों को युवती के बारे में जानने का क्यों नहीं है अधिकार।
■पाश्चात्य संस्कृति का तो नहीं हो रहा असर।

आर्थिक सुदृढ़ता के लिए सिबिल सार जांचा

आर्थिक सुदृढ़ता के लिए सिबिल सार जांचा जाता है। हालांकि यह अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन यह धीरे-धीरे बढ़ेगा। परिजन के साथ युवाओं को भी आर्थिक रूप से एक-दूसरे को समझने का अवसर मिलेगा।
-प्रो. एल. डी. सोनी, समाजशास्त्र विभाग, एसपीसी-जीसीए

Updated on:
02 Apr 2025 07:55 am
Published on:
02 Apr 2025 07:53 am
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