
Rajasthan News : कॉलेज और यूनिवर्सिटी को सेमिनार-कार्यशाला और अन्य कार्यक्रमों में खादी के वस्त्र और किताबों को बढ़ावा देना होगा। मेहमानों-अतिथियों को स्मृति चिन्ह, बुके अथवा अन्य गिफ्ट के बजाय खादी के शॉल-अंगवस्त्रम-किताबें देनी होंगी। यूजीसी ने इसे लेकर आदेश जारी किए हैं। खादी उत्पादों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए यूजीसी ने सभी उच्च शैक्षणिक संस्थानों को पत्र भेजा है। सचिव प्रो. मनीष जोशी ने सम्मान समारोहों में खादी निर्मित परिधान अथवा किताबें प्रदान करने का निर्देश दिया है।
इन्हें देना होगा बढ़ावा
सेमिनार, सम्मेलन, कार्यशालाएं और अन्य कार्यक्रम में मेहमानों-गणमान्य व्यक्तियों को देनी होंगी खादी से बने शॉल, अंगवस्त्रम, साहित्य, विषय से जुड़ी किताबें।
यह होगा फायदा
बढ़ेगी समृद्ध साहित्यिक विरासत
खादी-ग्रामोद्योग को मिलेगा बढ़ावा
कारीगरों-दस्तकारों को मिलेगा रोजगार
स्थानीय उत्पादों की बढ़ेगी खपत
प्रतिष्ठित और स्थानीय लेखकों को मिलेगी पहचान
कौशल सशक्तिकरण और प्रचार में मदद
अब तक यह करते संस्थान...
रंग-बिरंगे फूलों से बने गुलदस्ते
पीतल या चांदी के स्मृति-चिन्ह
लकड़ी या मेटल से बने उपहार-स्मृति चिन्ह
फोटो फ्रेम, पेंटिंग अथवा अन्य उपहार
पौधा लगा प्लास्टिक का गमला