
अजमेर. सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के 808वें उर्स में गुरुवार को पाकिस्तान सरकार की हाजिरी लगी। उर्स में पाकिस्तान से आए जत्थे ने पाक हुकूमत और मुल्क की तरफ से चादर पेश कर दोनों देशों में अमन-चैन की दुआ की।
महफिलखाने में अंजुमन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में अंजुमन सदर सैयद मोइन हुसैन चिश्ती, अंजुमन सचिव वाहिद हुसैन अंगारा शाह आदि ने सभी पाकिस्तानी जायरीन की दस्तारबंदी की और तबर्रुक दिया तो जत्थे में शामिल लोग गद्गद् हो गए। खास बात यह रही कि पिछले छह दिन से मीडिया से दूरी बना कर रखने वाले पाकिस्तानी जायरीन ने गुरुवार को मीडिया से भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि वे खुशनसीब हैं कि उन्हें महाना छठी पर गरीब नवाज की दरगाह में हाजिरी का मौका मिला। पाक जायरीन ने भारत सरकार, अजमेर जिला प्रशासन, अंजुमन, दरगाह कमेटी की ओर से किए गए सभी इंतजाम की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें यहां आकर बहुत अच्छा लगा। अब्दुल मुस्तफा ने कहा कि प्यार करने आए थे, प्यार मिला है और प्यार लेकर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह उन्हें हमेशा यहां आने का मौका मिलता रहे।
महफिलखाने में जमकर झूमे
दरगाह स्थित महफिलखाने में अंजुमन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में जब नात पेश की गई तो पाकिस्तानी जायरीन झूमने पर मजबूर हो गए। एक पाकिस्तानी ने पांवों में घंूघरू बांध रखे थे। वह पूरे समय में नात के बोल पर नाचता रहा।