
अजमेर.
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का अजमेर से भी लगाव रहा। उनके प्रधानमंत्री रहते हुए राजस्थान में जयपुर, अजमेर में हुई प्रमुख सभाओं का मंच संचालन भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं राजस्थान राज्य धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने किया। वाजपेयी के साथ बिताए समय व पलों को लखावत ने पत्रिका के साथ साझा किया।
चाय पार्टी में कविताओं का दौर
भाजपा के वरिष्ठ नेता लखावत ने बताया कि वाजपेयी एक बार अजमेर आए। वे सर्किट हाउस में 4 नम्बर कमरे में ठहरे। सुबह वाजपेयी के मित्र रामनिवास जाजू घर से चाय बनवाकर सर्किट हाउस पहुंचे। उन्हें पार्टी के नेताओं व कर्मचारियों गेट पर रोक दिया। जाजू ने कहा कि आप अन्दर बताएं कि जाजू आया है। जब वाजपेयी को बताया तो वे कमरे के गेट तक आ गए और खुश होकर आत्मीयता से मिले और चाय भी। उन्होंने कहा कि लखावत दोपहर में जाजूजी के घर चाय पीने चलेंगे। दोपहर में मेयो लिंक रोड स्थित जाजू के आवास आनंदम् पहुंचे। वहां चाय पीने के साथ जमकर कविताओं का दौर चला।
सांसद रावत हैं तो बिलों पर वे ही बोलेंगे
अजमेर से पांच बार सांसद रहे प्रो. रासासिंह रावत ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी उन्हें प्रोफेसर नहीं डॉक्टर कहकर पुकारते थे। संसद में जब भी किसी पर बोलना होता तो वे कहते जब रासासिंह रावत हैं तो फिर चिंता नहीं है वे ही बोलेंगे। उन्हें भरोसा था कि किसी भी बिल पर बोलने की बात तो रावत अच्छा बोलेंगे। जब लोकसभा शुरू होती और आने में वाजपेयी को देरी हो जाती तो आकर पीछे वाली सीट पर ही बैठ जाते थे। ताकि संसद की मर्यादा को ठेस न पहुंचे और बोलने वाले सदस्य को किसी तरह का व्यवधान नहीं हो।
किसी से दूरी नहीं, अपना बनाओ
शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी वाजपेयी की मृत्यु के समय एम्स में ही मौजूद रहे। उन्होंने दूरभाष पर बताया कि राजस्थान में उदयपुर रहते हुए वाजपेयी के साथ दौरे में उन्हें भी सान्निध्य मिला। विश्व संवाद केन्द्र के कार्यक्रमों में भी सान्निध्य मिला। एक बार दौरे के समय वाजपेयी ने देवनानी से कहा कि किसी से भी दूरी नहीं बनाएं। प्रेम से सबको अपना बनाओ। दुश्मन को भी अपना बनाओ।
फिर कौन सुनने आएगा!
एडीए अध्यक्ष शिवशंकर हेड़ा ने बताया जब उनकी अजमेर में सभा थी तो वाजपेयी को कार में लाने का जिम्मा उनके पास था। वे कार चलाकर 7 नम्बर पेट्रोल पंप पहुंचे और वाजपेयी को कार में बैठाकर अपने घर ला रहे थे। सुभाष उद्यान में सभा होनी थी। मगर इससे पूर्व दोपहर में सभा स्थल पर कैसेट पर वाजपेयी की का भाषण चला रखा था। वाजपेयी ने मुझे कहा यह कैसेट बंद करवाओ। कैसेट से भाषण सुनाओगे तो सभा में अटल बिहारी को सुनने कौन आएगा। उन्होंने इस बात को सहज भाव से कहा और कैसेट को बंद करवा दिया।
पूरा नाम लिखवाएं
अजमेर दौरे पर जब अटल बिहारी वाजपेयी एमडीएस यूनिवर्सिटी चौराहे पर पहुंचे तो यूआईटी के चैयरमेन रहे धर्मेश जैन व भाजपाइयों ने स्वागत किया। वाजपेयी ने जैन से पूछा एमडीएस क्या है? पूरा नाम क्या है? जैन ने कहा दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय। इस पर वाजपेयी ने कहा कि यह पूरा नाम लिखवाएं नहीं तो महापुरुषों के नाम शॉर्ट कर महापुरुषों को भुला देंगे।