अजमेर

सब मजाक कर रहे इस यूनिवर्सिटी से, किसी को नहीं परवाह

किसी को जिम्मेदारी देने को लेकर सरकार और राजभवन ने कोई फैसला नहीं किया है।
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Updated: 21 May 2019, 7:44 AM IST
mds univeristy ajmer
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अजमेर.

राजस्थान हाईकोर्ट में महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलपति मामले को लेकर मजाक बन चुका है। उन्हें कामकाज करने की अनुमति देने या अन्य किसी को जिम्मेदारी देने को लेकर सरकार और राजभवन ने कोई फैसला नहीं किया है।

लक्ष्मीनारायण बैरवा की जनहित याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंद्राजोग की खंडपीठ ने पिछले साल 11 अक्टूबर को महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह को नोटिस जारी कर 26 अक्टूबर तक कामकाज पर रोक लगाई थी। इसके बाद न्यायालय ने रोक 1,16, 28 नवंबर, 3 दिसंबर और 11 और 29 जनवरी, 21, 25 एवं 27 फरवरी, 6 और 27 मार्च, 4 और 22 अप्रेल एवं 20 मई तक बढ़ा दी थी।

सरकार-राजभवन को नहीं परवाह

कुलपति मामले में पिछले सात महीने से सरकार और राजभवन को कोई परवाह नहीं है। कुलपति को हटाने या अन्य किसी को कार्यभार सौंपने को लेकर कोई राय नहीं बन पाई है।

विवि को यह हो चुका है नुकसान
-राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान का 11 करोड़ का बजट लैप्स

-10 महीने से नहीं हुई प्रबंध मंडल की बैठक
-अटका हुआ है नवां दीक्षान्त समारोह

-नहीं हो पाई है शोध प्रवेश परीक्षा और पीएचडी आवंटन
- निलंबित प्रो. अग्रवाल मामले की जांच

-कर्मचारियों, शिक्षकों, अधिकारियों को सातवां वेतनमान

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