राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने जारी की डायरी, भारतीय कैलेण्डर को मानक माना गया है, यह चैत्र माह से शुरू होती है
अजमेर. राजस्थान विधानसभा की नववर्ष की डायरी को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने जारी किया। चैत्र नववर्ष से डायरी के कैलेण्डर की शुरूआत की गई है। यह डायरी आजादी से अब तक राजस्थान की लोकतांत्रिक यात्रा को सहेजे हुए है। इसमें राजस्थान में पहली विधानसभा के गठन से लेकर अब तक की यात्रा का सचित्र वर्णन है। यह एक संग्रहणीय अंक है जो सदैव याद रखा जाएगा।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के निर्देशन में तैयार की गई विधानसभा डायरी में भारतीय कैलेण्डर को मानक माना गया है। यह चैत्र माह से शुरू होती है। इसमें तिथि के अनुसार पूरे वर्ष को बांटा गया है। इसके साथ ही प्रथम विधानसभा के गठन से अब तक राजस्थान के सभी राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं को सचित्र विवरण है।
विधानसभा डायरी में राजस्थान के स्वर्णिम इतिहास का जिक्र है। डायरी की शुरूआत में जयपुर नरेश सवाई मानसिंह को राजस्थान के राजप्रमुख की शपथ दिलाते हुए देश के गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल का चित्र है। इसके साथ ही वर्तमान में हरिभाऊ बागडे को राजस्थान के राज्यपाल की शपथ दिलाते हुए राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधिपतिमनिन्द्र मोहन श्रीवास्तव का चित्र व वर्णन है। इसी तरह डायरी में 1952 से 2000 तक राजस्थान विधानसभा की कार्यवाहियों का साक्षी रहा सवाई मानसिंह टाउन हॉल दर्शाया गया है। इसी तरह राजस्थान विधानसभा का वर्तमान भवन भी वर्णित है। राजस्थान विधानसभा में अभिभाषण देते हुए प्रथम राज्यपाल गुरूमुख निहाल सिंह (1956) के साथ ही विकसित भारत की संकल्पना की अभिव्यक्ति राजस्थान विधानसभा में अभिभाषण देते हुए वर्तमान राज्यपाल हरिभाऊ बागडे का भी जिक्र है।
इसी प्रकार डायरी में बताया गया है कि तत्कालीन राजप्रमुख सवाई मानसिंह ने 7 अप्रेल 1949 को मुख्यमंत्री हीरालाल शास्त्री मंत्रिमण्डल को शपथ दिलाकर राजस्थान में प्रथम राज्य सरकार का गठन किया गया। इसमें साथ ही तत्कालीन राज्यपाल कलराज मिश्र द्वारा वर्तमान मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा मंत्रिमण्ड़ल को शपथ दिलाकर राजस्थान में वर्तमान राज्य सरकार का गठन किया (30 दिसम्बर 2023)।
राजस्थान विधानसभा में विधायकों को सम्बोधित करते हुए भारत के प्रथम प्रधान मंत्री जवाहर लाल नेहरू (1952), राजस्थान विधानसभा में विधायकों को सम्बोधित करते हुए भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (2023), तत्कालीन राज्यपाल गुरूमुख निहाल सिंह की अस्वस्थता के कारण राज्यपाल ने अपना अभिभाषण विधानसभा- सभागार के स्थान पर राजभवन में दिया। यह विधानसभा के इतिहास का अब तक का पहला अवसर था ( 23 फरवरी 1961)। राजस्थान की पहली महिला राज्यपाल प्रतिभा पाटील, पहली महिला अध्यक्ष सुमित्रा सिंह तथा पहली महिला मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे का भी डायरी में जिक्र है।
इसी प्रकार डायरी में त्रैमासिक पत्रिका विधान बोधिनी के प्रवेशांक का विमोचन करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत, साथ में है तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष हरिशंकर भाभड़ा (1993), संसदीय संस्कृति का उत्कर्ष- नवाचारों के दो वर्ष पुस्तक का विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा।
साथ में हैं अध्यक्ष वासुदेव देवनानी (10 मार्च 2026), लोकतंत्र के मंदिर विधानसभा के वर्तमान भवन का शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत (10 अगस्त 1994), लोकार्पण करते हुए राष्ट्रपति के. आर. नारायणन (6 नवम्बर 2001), संसदीय मर्यादा और वैचारिक प्रखरता के आलोक स्तंभ अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा 9वी राजस्थान विधानसभा के नव-निर्वाचित सदस्यों के लिए आयोजित प्रबोधन कार्यक्रम में सम्बोधन (22-25 अगस्त 1991), लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का 16वीं राजस्थान विधानसभा के नव-निर्वाचित विधायकों के लिए आयोजित प्रबोधन कार्यक्रम में सम्बोधन (16 जनवरी 2024) भी वर्णित है।